मुख्यमंत्री करेंगे लाड़ली बहना, उज्जवला योजना एवं किसान कल्याण योजना की राशि का वितरण
नरसिंहपुर।मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की वर्ष 2024- 25 की प्रथम किश्त का वितरण मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के द्वारा 5 जुलाई 2024 को जिला टीकमगढ़ से लाड़ली बहना योजना तथा उज्जवला योजना के गैस रिफिल अनुदान के साथ किया जायेगा। हितग्राही परिवारों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत यह राशि वर्ष में कुल 6 हजार रुपये की तीन समान किस्तों में दी जाती है। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने निर्देश दिये कि जिला स्तरीय कार्यक्रम अनुविभागीय राजस्व अधिकारी आयोजित करेंगे एवं ब्लाक स्तर पर सभी तहसीलदार/ नायब तहसीलदार कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके लिए कार्यक्रम में विधायक, सांसद सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिला/ ब्लाक स्तर पर विधिवत आमंत्रित, जिला व ब्लाक स्तर पर प्रोजेक्टर/ बड़ी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम का प्रसारण, जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम के प्रसारण की व्यवस्था पर कार्यक्रम का प्रसारण, जिले के समस्त हितग्राही वेबकास्ट लिंक के माध्यम से जुड़कर कार्यक्रम को देख व सुन सकेंगे।
डेंगू प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
नरसिंहपुर।डेंगू निरोधक माह जुलाई- 2024 के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया के प्रति जन- जागरूकता के उद्देश्य से डेंगू प्रचार रथ को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश बोहरे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान कार्यालय चिकित्सालय का स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष जुलाई माह को डेंगू निरोधक माह के रूप में मनाया जाता है। मानसून के प्रारंभ के साथ ही मच्छरो के उत्पत्ति स्थल बढ़ जाने के कारण डेंगू एवं अन्य वाहक जनित रोग जन्य परिस्थितियां निर्मित हो जाती है। मच्छर जन्य रोग डेंगू एवं चिकुनगुनिया के प्रति जनजागरूकता के लिए जुलाई माह को डेंगू निरोधक माह के रूप में मनाया जाता है। सम्पूर्ण माह में मच्छरों की पैदावार एवं डेंगू तथा अन्य वाहक जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रचार- प्रसार किया जाता है। जिले में डेंगू माह के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें अंतरविभागीय एडवोकेसी कार्यशाला, यथा सेक्टर एवं पंचायत स्तर पर एडवोकेसी सत्र आयोजित किये जा रहे हैं। इनमें ग्राम स्वास्थ्य एवं तदर्थ समिति की बैठक आयोजित कर मच्छर जन्य परिस्थितियों के उन्मूलन के लिए प्रयास किये जायेंगे। साथ ही डेंगू, मलेरिया चिकुनगुनिया नियंत्रण के लिए वृहद प्रचार- प्रसार कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।यह प्रचार रथ जिले की सभी 6 विकासखंडों के प्रमुख हाट बाजारों एवं डेंगू प्रभावित ग्रामों में डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया एवं अन्य वाहक जनित रोगों के प्रति प्रचार- प्रसार करेगा। डेंगू, चिकुनगुनिया के वाहक एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है, अत: इसकी पैदावार को रोकने के लिए उपाय करने संबंधी संदेश देगा।जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सभी पानी की टंकियों को ढक कर रखें तथा इनमें मच्छर का प्रवेश न होने दे। सभी कंटेनर, कूलर, पक्षी के पानी पीने का बर्तन, फूलदार, गमलों, मनीप्लांट आदि को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली कर सूखा कर पुन: उपयोग में लें। शौचालय की टंकी, मटका आदि की नियमित सफाई की जाये। छत पर रखे सामान, टायर, अनुपयोगी वस्तुओं को नष्ट कर दे या इनमें बरसात का पानी जमा न होने दे, ताकि इसमें एडीज मच्छर के लार्वा की उत्पत्ति रोकी जा सके। नालियों, गटर एवं छत पर जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करें, ताकि नालियों, गटर में जमा हुआ पानी में जला ऑयल या केरोसीन डालें। व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए पूरी बांह के कपड़े पहने, मच्छर प्रतिकर्षक क्रीम, क्वाईल, सायंकाल नीम की पत्ती का धुआं तथा मच्छरदानी का उपयोग कर मच्छर के काटने से बचने के लिए उपाय किये जा सकते हैं।समाचार "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में हो जन सहभागिता - कलेक्टर श्रीमती पटले जिले में वृहद वृक्षारोपण का अभियान चलेगा विभागवार पौधे रोपने का सौंपा गया दायित्व नरसिंहपुर, 04 जुलाई 2024. "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण के संबंध में कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ज़िला अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा यह अभियान एक जुलाई से प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नरसिंहपुर जिले को 10 लाख 74 हजार 450 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभागों को पौधारोपण करने के दायित्व सौंपे गये हैं। कलेक्टर श्रीमती पटले ने विभागवार अधिकारियों से चर्चा कर पौधरोपण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लक्षित पौधरोपण के अंतर्गत प्रत्येक दिन 15 हजार पौधे नरसिंहपुर जिले में रोपित किये जायेंगे। इसके लिए उन्होंने निर्देशित किया कि विभाग पहले से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। उन्हें लगाने के स्थान का चयन, गड्ढे, ट्रीगार्ड आदि की तैयारी कर लें। नगरीय निकायों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा निकायों की कॉलोनियों में भी पौधरोपण के लिए निवासियों को प्रेरित किया जा रहा है। सिटी फॉरेस्ट तैयार करने के लिए भी प्रोजेक्ट वन विभाग को तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया। इसी तरह सभी सीईओ जनपद को निर्देशित किया कि वे अभियान में स्थानीय समुदाय, आमजनों की सक्रिय सहभागिता की जाए। उन्हें आमंत्रित कर उनके द्वारा पौधरोपण कराया जाए। पौधरोपण के लक्ष्य निर्धारित कर सामाजिक संस्थाओं से समन्वय कर पौधरोपण कराएं। ऐसे सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूल, आंगनबाड़ी जहां बाउंड्रीवॉल हैं, अपने परिसर में पौधरोपण करें।
पौधों को रोपने के साथ उनकी सुरक्षा भी बेहद ज़रूरी
कलेक्टर श्रीमती पटले ने कहा कि पौधरोपण का अभियान केवल सरकारी अभियान न होकर आमजन को जोड़कर चलने वाला अभियान बनाया जाए। जिले के सामाजिक संगठनों, स्थानीय समुदाय और आमजनों की इस अभियान में भागीदारी सुनिश्चित की जाये। एक पेड़ मां के नाम अभियान में इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि पौधे कम से कम तीन फीट हाईट के हो। साथ ही उन्हें लगाये जाने वाले गड्ढे डेढ़ फिट के हों। हमें केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि रोपे गए पौधों की देखभाल की भी जिम्मेदारी लेनी होगी।
वायुदूत एप में करनी होगी फोटो अपलोड
कलेक्टर श्रीमती पटले ने बेहतर कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह अपील की है कि इस अभियान में प्रत्येक नागरिक भी अपने घरों में कम से कम एक पौधा लगायें एवं अन्य लोगों को प्रेरित करें। पौधरोपण के दौरान अपने परिजन के साथ फोटो सेल्फी लें। पौधरोपण की फोटो वायुदूत एप पर अपलोड की जायेगी।
इन विभागों को पौधरोपण के लिए दिये गये लक्ष्य
"एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत कलेक्टर ने विभिन्न विभागों को पौधरोपण के लिए लक्ष्य दिये गये हैं। इनमें वन विभाग को 4 लाख, नगरीय प्रशासन विभाग को एक लाख, एनटीपीसी को दो लाख, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 60 हजार, रेशम विभाग को 50 हजार, पुलिस, राजस्व, कृषि, उद्यानिकी व चिनकी बोरास को 10- 10 हजार, जनअभियान परिषद को 30 हजार, शिक्षा विभाग व नेशनल हाईवे को 20 हजार, एनआरएलएम को 30 हजार, गन्ना विभाग को 40 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया। इसके अलावा होमगार्ड, कोषालय, अन्य पिछड़ा वर्ग, खेल विभाग, केन्द्रीय विद्यालय, आईटीआई, नागरिक आपूर्ति निगम, स्टेट वेयर हाऊसिंग, उत्कृष्ट विद्यालय को 5- 5 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जेल विभाग, सहकारिता, खाद्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, परिवहन विभाग, लीड बैंक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को एक- एक हजार, विद्युत विभाग, जल संसाधन विभाग एवं आबकारी विभाग को दो हजार, खनिज विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, एनव्हीडीए, पीजी कॉलेज एवं नेहरू युवा केन्द्र को 5 हजार, मंडी बोर्ड को 6 हजार एवं पशु चिकित्सा सेवायें को 3 हजार एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को 3 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा एनआईसी, पेंशन, विपणन संघ, सांची दुग्ध, सैनिक कल्याण, जिला रोजगार अधिकारी, जिला योजना, विक्रय कर, स्टाम्प, श्रम विभाग, जनसम्पर्क, अक्षय ऊर्जा को 100- 100 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को 5250 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में इस वृहद पौधरोपण के कार्य की मॉनीटरिंग हेतु जिला समन्वयक जनअभियान परिषद नरसिंहपुर को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती अंजली शाह, एसडीएम श्री मनेन्द्र सिंह सहित अन्य जिला अधिकारी मौजूद थे। अनुविभागीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े थे।
कलेक्टर ने किया करेली नगर पालिका का निरीक्षण
नरसिंहपुर,। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने बुधवार को नगर पालिका परिषद करेली का निरीक्षण किया। उन्होंने कायाकल्प अभियान के अंतर्गत निर्मित रोड का निरीक्षण किया। साथ ही गणेश वार्ड में स्थित नाला का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती पटले ने नगर पालिका अमले को निर्देशित किया कि शहर में जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। इसके लिए शुरू से ही नदी- नालों की साफ- सफाई, अतिक्रमण हटाने का कार्य किया जाये। कलेक्टर श्रीमती पटले ने नगर पालिका करेली में पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण- 2024 संबंधित गाइडलाइन के अनुसार नगर पालिका करेली की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छता के मापदंडों के अनुरूप नगरीय निकाय को बेहतर रैकिंग दिलाने का प्रयास किया जाये। उन्होंने राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिये। नगर पालिका परिषद करेली के अंतर्गत स्थित बस स्टेंड के निर्माण कार्य संबंधी निर्देश दिये। साथ ही कलेक्टर ने नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों से भी नगर के विकास कार्य के लिए चर्चा की।
जिले में अब तक 141.8 मिमी वर्षा दर्ज
नरसिंहपुर।नरसिंहपुर जिले में एक जून से 4 जुलाई तक की अवधि में औसत रूप से कुल 141.8 मिमी अर्थात 5.58 इंच वर्षा दर्ज की गयी है। 4 जुलाई की सुबह तक बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 13.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस दिन तहसील नरसिंहपुर में 17 मिमी, गाडरवारा में 6 मिमी, गोटेगांव में 7 मिमी, करेली में 28 मिमी वर्षा और तेंदूखेड़ा में 9 मिमी वर्षा आंकी गई है। अधीक्षक भू- अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 जुलाई तक तहसील नरसिंहपुर में 114 मिमी, गाडरवारा में 188 मिमी, गोटेगांव में 197 मिमी, करेली में 80 और तेन्दूखेड़ा में 130 मिमी वर्षा आंकी गई है। इसी अवधि में पिछले वर्ष जिले में औसतन 355.20 मिमी वर्षा हुई थी। इस अवधि में पिछले वर्ष तहसील नरसिंहपुर में 439 मिमी, गाडरवारा में 388 मिमी, गोटेगांव में 220 मिमी, करेली में 419 मिमी और तेन्दूखेड़ा में 310 मिमी वर्षा हुई थी।
व्हीव्हीपीएटी से पेपर रोल एवं एड्रेस टैग हटाये जाने की कार्यवाही 5 जुलाई से
नरसिंहपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना के उपरांत व्हीव्हीपीएटी से थर्मल पेपर रोल और एड्रेस टैग हटाये जाने की कार्यवाही 5 जुलाई से प्रारंभ की जा रही है, जो कार्यालयीन समय में कार्य समाप्ति उपरांत निरंतर चलेगी। इस अवधि में प्रतिदिन प्रात: 10.30 बजे सांय 5.30 बजे तक ईव्हीएम वेयर में बनाये गये व्हीव्हीपीएटी स्ट्रांग रूम को खोला और बंद किया जायेगा। इस संबंध में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने 5 जुलाई से कार्य समाप्ति तक प्रात: 10.30 बजे एवं सायं 5.30 बजे ईव्हीएम वेयर हाउस में बनाये गये व्हीव्हीपीएटी स्ट्रांग रूम को खोलने और बंद किये जाने तथा कार्य के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों और संबंधित पार्टी के जिलाध्यक्ष से उपस्थिति की अपेक्षा की है।
ई स्कूटर के लिए अनुदान योजना
नरसिंहपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के लिए भवन एवं अन्य संनिर्माण ई- स्कूटर के लिए अनुदान योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों को उनके कार्यस्थल तक आवागमन के लिए ई- स्कूटर वाहन क्रय करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना अंतर्गत हितलाभ के लिए मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक वास्तविकता में निर्माण श्रमिक हो एवं 5 वर्ष तक सतत् रुप से वैद्य पंजीयन होना चाहिए। आवेदक द्वारा ई- स्कूटर क्रय कर मंडल के पोर्टल पर अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला श्रम कार्यालय में संपर्क कर सकते है। यह जानकारी श्रमपदाधिकारी नरसिंहपुर ज्योति पाण्डे दुबे ने दी है।