: सरकारी संरक्षण में बिक रहे नकली बीज, बिना परीक्षण बिक्री हो प्रतिबंधित : किसान सभा
Tue, May 31, 2022
सरकारी संरक्षण में बिक रहे नकली बीज, बिना परीक्षण बिक्री हो प्रतिबंधित : किसान सभा
छत्तीसगढ़ किसान सभा ने बाजार में सरकार के संरक्षण में नकली बीजों के बिकने का आरोप लगाया है। किसान सभा का कहना है कि बिना बीजों का परीक्षण किए ब्लैक लिस्टेड कंपनी जेके सीड्स के बीजों को किसानों के बीच वितरित करने से यह साफ हो गया है। इससे रायपुर जिले में ही मक्का और धान की खेती करने वाले हजारों किसानों को नुकसान पहुंचा है।
आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा है कि जेके सीड्स के नकली बीजों को बीज निगम के माध्यम से पिछले वर्ष भी वितरित किया गया था। ब्लैक लिस्टेड होने के बाद भी फिर इस वर्ष किया गया है। होना तो यह चाहिए था कि नकली बीज बांटने के अपराध में इस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही होती, बजाए इसके इसे पुरस्कृत किया गया है।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि इस धोखाधड़ी में केवल बीज निगम ही नहीं, कृषि विभाग और कृषि मंत्री भी शामिल है और इन सभी जिम्मेदारों के खिलाफ सरकार को कार्यवाही करनी चाहिए। किसान सभा ने मांग की है कि इस कंपनी द्वारा ठगे गए सभी किसानों की सूची सरकार सार्वजनिक करें और न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर उन किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करें। किसान सभा ने यह भी मांग की है कि प्रदेश के बाजारों में सरकारी लैब में परीक्षण के बिना किसी भी कंपनी के बीज बेचने को प्रतिबंधित किया जाये।
: मुम्बई फैशन-शो में अर्चना कोचर के "मालवा मेलोंज" कलेक्शन ने बॉधा समां
Sun, May 1, 2022
परम्परागत हथकरघा और पश्चिम शैली का मिला-जुला रूप है "मेलोंविश्व प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर अर्चना कोचर के हथकरघा वस्त्रों से बने "मालवा मेलोंज" कलेक्शन की प्रस्तुति के साथ मुम्बई में मध्यप्रदेश कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के फैशन-शो का समापन हुआ। "मालवा-मेलोंज" प्राचीन हथकरघा शैली और पश्चिमी शैली से बने पारम्परिक वस्त्रों का मेल है, जो आधुनिक भारतीय दुल्हन के लिए एक नायाब तोहफा होगा। इस कलेक्शन को प्रदेश के ख्याति प्राप्त संगीतकार और गायक मीत बंधुओं की मनमोहक धुन पर अभिनेत्री राकुल प्रीत ने रैम्प पर प्रस्तुत किया।
फैशन-शो से हथकरघा उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि मुंबई में हुए फैशन-शो से मध्यप्रदेश के खादी और रेशम के वस्त्रों को वैश्विक बाजार मिल सकेगा। उन्होंने फैशन-शो के सफल आयोजन के लिए प्रदेश के बुनकर, फैशन डिजाइनर और विभागीय अमले को शुभकामनाएँ और बधाई दी। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया कराया जा सके। इससे प्रदेश के हथकरघा और शिल्प कला को सम्मान मिलेगा। साथ ही उनके उत्पादों को वाज़िब दाम भी मिलेंगे।
फैशन-शो में "मालवा मेलोंज" को चार चरण में अलग-अलग मॉडल्स द्वारा प्रस्तुत किया गया। पहले चरण में सिंक्रोनाइज्ड सिन्टलेशन प्रदर्शित किया गया। शो में हाथ से बनी पारंपरिक चंदेरी और समकालीन झालर के साथ परिधान न शामिल रहे। हाथीदाँत, पीले, गुलाबी और नीले रंग के झिलमिलाते सितारों और मोतियों से सजे परिधान और आभूषणों ने सबका मन मोह लिया। इस संग्रह में रंगों के समूह का इंडो-वेस्टर्न थीम पर आधारित लुक सामने आया।
दूसरे चरण में शुद्ध रेशम पर शीशे, गोटा और चमड़े की कढ़ाई के मिश्रण से बने परिधानों को प्रस्तुत किया गया। हाथीदाँत का आधार मस्टर्ड, नारंगी और बैंगनी रंग के फ्यूजन रंग पैलेट से सजा यह कलेक्शन स्वयं ही अपनी छाप छोड़ गया।
तीसरे चरण में भारतीय परम्परागत विवाह समारोह में दुल्हन की हल्दी की रस्म को "फूलों की हल्दी" के रूप में प्रस्तुत किया गया। अर्चना कोचर द्वारा हल्दी के रंगों से मिलता हुआ, दुल्हन की मंशा के अनुरूप रंगीन और अनूठी कढ़ाई के वस्त्रों के साथ, पूरे मंच को पीले रंग के फूलों से सजाया गया। यह सीक्वेंस "फूलों की हल्दी" की नए जमाने की परंपरा को समर्पित रहा।
चौथे चरण में अर्चना कोचर ने शीशों की चमक को आत्मा की गहराई से जोड़ दिया। शुद्ध रेशम और चंदेरी से समृद्ध कपड़ों की यह प्रदर्शनी आत्म-विभोर कर रही थी। इन परिधानों को बनाने में शीशों और मोतियों का उपयोग
किया
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