: नरसिंहपुर जिले के प्रमुख समाचार मत्स्य निरीक्षक निलंबित,
Wed, Mar 30, 2022
जिला स्तरीय रोजगार दिवस कार्यक्रम नरसिंहपुर में 30 मार्च को
नरसिंहपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय रोजगार दिवस कार्यक्रम का आयोजन शासकीय स्वामी विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरसिंहपुर के ऑडिटोरियम में बुधवार 30 मार्च को अपरान्ह 3.30 बजे से किया जायेगा। प्रदेशव्यापी रोजगार दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में 30 मार्च को रीवा जिला मुख्यालय पर होगा।रोजगार दिवस के कार्यक्रम में जिले के पात्र व्यक्तियों को शासन की स्वरोजगारमूलक योजनाओं में बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जायेगा। विभिन्न विभागों की स्वरोजगार मूलक योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जायेगी। यहां प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन कर ऑफर लेटर भी दिये जायेंगे। हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किये जायेंगे। इस मौके पर जिला रोजगार कार्यालय द्वारा रोजगार मेला का आयोजन भी किया जायेगा। इस मेले में विभिन्न कम्पनियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये जायेंगे।इस सिलसिले में सीईओ जिला पंचायत ने कार्यक्रम के सुचारू एवं सफल संचालन के लिए अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं।जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं से अपेक्षा की है कि वे अपनी कम्पनी, शोरूम, होटल या अन्य निजी संस्थानों के लिए मेला स्थल पर स्टाल लगाकर आवश्यकतानुसार बेरोजगार युवक- युवतियों का चयन कर सकते हैं। इच्छुक आवेदक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेला स्थल पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ ले सकते हैं।
मत्स्य निरीक्षक निलंबित
नरसिंहपुर। कलेक्टर श्री रोहित सिंह ने आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवं कदाचरण के आरोप में मत्स्य निरीक्षक प्रभारी विकासखण्ड चीचली एवं सांईखेड़ा श्री डीके कोरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री कोरी का मुख्यालय कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग नरसिंहपुर रहेगा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण तथा अपील 1966 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर द्वारा सहायक संचालक मत्स्योद्योग सहित मत्स्य विभाग के समस्त तकनीकी अमले की बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिेये गये थे। इसकी सूचना सहायक संचालक मत्स्योद्योग द्वारा मत्स्य निरीक्षक श्री कोरी को दी गई थी। इसके बावजुद श्री कोरी बैठक में उपस्थित नहीं हुये।
जनसुनवाई में आये 90 आवेदन
नरसिंहपुर,। कलेक्टर कार्यालय नरसिंहपुर के जनसुनवाई हाल में मंगलवार 29 मार्च को जनसुनवाई में पहुंचे लोगों की समस्याओं को अधिकारियों ने सुना और निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। विभिन्न आवेदनों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।अपर कलेक्टर श्री दीपक कुमार वैद्य, डिप्टी कलेक्टर श्री राधेश्याम बघेल व पूजा तिवारी ने लोगों की समस्यायें सुनी और आवेदन लिये। कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में 90 आवेदन आये। जनसुनवाई में आवेदकों ने आवेदन देकर अपनी- अपनी समस्यायें बताई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि सितम्बर 2022 तक बढ़ी
नरसिंहपुर। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि अप्रैल 2022 से सितम्बर 2022 तक बढ़ाई गई है। राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम 2013 के तहत लाभांवित होने वाले पात्र हितग्राहियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो के मान से निशुल्क खाद्यान्न गेहूं एवं चावल माह अप्रैल 2022 से सितम्बर 2022 तक जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों से उपलब्ध कराया जायेगा, जो नियमित आवंटन के अतिरिक्त होगा। यह जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने दी है।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये किसान स्वयं स्लॉट बुक कर सकेंगे
किसान स्लॉट बुकिंग निशुल्क व शुल्क देकर कर सकेंगे
नरसिंहपुर। रबी विपणन मौसम 2022- 23 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये जारी निर्देशों के अनुसार पंजीकृत/ सत्यापित किसानों द्वारा www.mpeuparjan.nic.in स्वयं के मोबाइल/ एमपीऑनलाइन/ सीएससी/ ग्राम पंचायत/ लोक सेवा केंद्र/ इंटरनेट कैफे/ उपार्जन केंद्र से स्लॉट बुकिंग का प्रावधान किया गया है। किसान द्वारा स्वयं के मोबाइल/ग्राम पंचायत/ उपार्जन केंद्र पर निशुल्क स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा एमपीऑनलाइन/ सीएससी/ लोक सेवा केंद्र/ इंटरनेट कैफे से प्रति स्लॉट बुकिंग करने के लिये 10 रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
: Bhopal महिला उद्यमियों को मिलेगा भरपूर प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Fri, Mar 25, 2022
जिलों में महिला उद्यमियों के बनाए जाएंगे लिए पृथक इंडस्ट्रियल क्लस्टर,
वर्तमान नियमों में संशोधन कर बढ़ाएंगे सुविधाएँ,
मावे के तीन दिवसीय अधिवेशन स्वीप-2022 का शुभारम्भ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए नए लाभकारी प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए प्रचलित योजनाओं में जरुरी संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना प्रारंभ होगी। भोपाल और इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए अलग इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाया जाएगा। जिलों में एमएसएमई सेक्टर में प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए क्लस्टर आरक्षित करने की व्यवस्था की जाएगी। नई स्टार्टअप नीति में भी महिला उद्यमियों के लिए सुविधाएँ बढ़ाने के प्रावधान रहेंगे। स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज में महिला उद्यमियों को विशेष सुविधा, जबलपुर और अन्य स्थान पर मल्टी स्टोरीज फैक्टरी कॉम्पलेक्स के निर्माण सहित मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष की स्थापना भी होगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश महिला उद्यमी संगठन की कॉन्फ्रेंस 'स्वीप 2022' का शुभारंभ कर रहे थे। इसका आयोजन एमपी एसोसिएशन ऑफ वूमेन
इंटरप्रेन्योर (मावे) ने किया था।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जब तक
महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक महिलाएँ तेजी से प्रगति नहीं कर सकती हैं। मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण की प्रयोग भूमि है। आज से करीब 15 -16 वर्ष पूर्व तक मध्यप्रदेश में लिंगानुपात चिंता का विषय था। सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं के प्रति भेदभाव देखा जाता था। वर्ष 2001 में प्रति एक हजार पुरुषों के पीछे 901 महिलाएँ थी, जो आज बढ़ कर 956 हो गई हैं। भारत सरकार के अभिलेखों में इसका उल्लेख है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य यह है कि यह संख्या एक हजार पर एक हजार हो। बेटियाँ संख्या में समान हो जाएं। लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों को लखपति बनाने वाली योजना है। पढ़ने के लिए किताबें, स्कूल जाने के लिए साइकिल और कक्षा 12वीं में प्रथम श्रेणी में आने पर बिटिया गाँव की बेटी कहलाती है। सभी तरह की उच्च शिक्षा के लिए बेटियों का शिक्षा व्यय मध्यप्रदेश सरकार उठाएगी।
महिला स्व-सहायता समूहों की ताकत
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण और पुलिस में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण किया गया है। इंदौर ने 5 बार स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है, जिसका श्रेय इंदौर की महापौर रही श्रीमती मालनी गौड़ को भी है। राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नहीं अनके कदम उठाए हैं, ताकि हमारी बहनें तेजी से आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में महिलाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है। स्व-सहायता समूहों के महासंघ को पोषण आहार सामग्री के सात संयंत्रों के संचालन का जिम्मा दिया गया है। ये महासंघ 800 करोड़ रुपए का कारोबार कर रहा है। मध्यप्रदेश में 40 लाख स्व-सहायता समूह की हमारी बहनें हैं और इनका कुल 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है। मध्यप्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों की सम्पत्ति नष्ट करने का कदम उठाया गया है। दुराचारी को फाँसी का प्रावधान है।
जीआईएस में आएँ महिला उद्यमी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाएँ शक्ति का पुंज हैं, श्रद्धा हैं। वे अबला नहीं हैं। महिलाएँ हर क्षेत्र में पारंगत होती हैं। बड़ी संख्या में हमारी बहनें महिला उद्यमी बन सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं रहेगी। उन्हें उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रेनिंग, ट्रेडिंग, कॉउंसिलिंग संबंधी कार्यों में पूरा सहायोग दिया जाएगा। मध्यप्रदेश देश का दिल है। यहाँ भूमि की उपलब्धता है, पानी और बिजली है, निवेशक प्रोत्साहन नीतियां हैं और प्रशासन सहयोगी है। जो मध्यप्रदेश आता है यही का होकर रह जाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मावे के अधिवेशन में आईं महिला उद्यमियों को आगामी 4,5, और 6 नवम्बर को इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त भारतीय महिलाओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
वूमेन का अर्थ बताया मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वूमेन का अर्थ डब्ल्यू अर्थात विल पावर (दृढ़ इच्छाशक्ति), ओ का अर्थ आर्गनाइज (हमेशा व्यवस्थित), एक का अर्थ मास्टर अर्थात हर क्षेत्र में पारंगत, ई का अर्थ इंटरप्रेन्योर (अपने बलबूते उद्यम स्थापित करने) और एन का अर्थ नोबल अर्थात ईमानदार और ममतामयी होने से है।
अधिवेशन में जिनेवा से आए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के डॉ. श्री शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि महिला उद्यमियों का प्रोत्साहन आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश और भी अधिक उपलब्धियाँ अर्जित करेगा।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि महिलाएँ प्रबंधन की जानकार होती हैं। कम संसाधनों में वे परिवार के प्रबंधन के कार्य कर लेती हैं। महिला उद्यमियों की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान महिला सशक्तिकरण के पक्षधर हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा,पोषण, स्वास्थ्य आदि की चिंता कर योजनाओं को लागू किया है। शिक्षित महिला श्रेष्ठ उद्यमी बनने की संभावना रखती है। प्रदेश में निर्यात परिषद भी गठित की गई है, जिसका लाभ महिला उद्यमियों को प्राप्त होगा।
विभिन्न देशों की प्रतिनिधियों की भागीदारी
अधिवेशन में मावे की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना भटनागर ने स्वागत उद्बोधन और संगठन की गत 22 वर्ष की यात्रा का ब्यौरा दिया। उपाध्यक्ष श्रीमती भवना मदान, सुश्री सतरुपा, सदस्य सीमा स्वामी, श्वेता, हर्षिता, ऊषा चंदा के अलावा मालदीव की मरयम शकीला, यूएन की कांता सिंह, इजिप्ट की डा.ओम निया, नेपाल की नीरु खत्री, श्रीलंका की अयांथी, डा. सुलोचना आदि उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आयोजन स्थल पर महिला उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों के स्टाल्स भी देखे। उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत की और कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत प्रेरक गीत “हम होंगे कामयाब” भी सुना और उनकी सराहना की।
: नरसिंहपुर, जिला उपार्जन समिति की बैठक सम्पन्न
Fri, Mar 25, 2022
जिला उपार्जन समिति की बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर।
जिला उपार्जन समिति की बैठक कलेक्टर श्री रोहित सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को सम्पन्न हुई। बैठक में चना, मसूर एवं सरसों एवं गेहूं उपार्जन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गेहूं खरीदी की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने जिला प्रबंधक मार्कफेड को 20 सर्वेयर की शासन से मांग करने के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर ने निर्देशित किया गया कि नवीन उपार्जन नीति का वीडियो तैयार कराकर कृषकों के लिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध करायें, ताकि अधिकाधिक किसानों को इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही वे सुविधानुसार अपनी उपज की बिक्री के लिए अपने स्लाट की बुकिंग कर सकें।
कलेक्टर ने जिला नापतौल अधिकारी को निर्देशित किया कि वे सभी उपार्जन केन्द्रों के तौल कांटों का तत्काल निरीक्षण सुनिश्चित करें। इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसमें सुधार करायें। उन्होंने जिला प्रबंधक वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन को निर्देशित किया कि निर्धारित गुणवत्ता के चना एवं मसूर की शतप्रतिशत खरीदी उपार्जन केन्द्रों पर ही करें। गेहूं की खरीदी गोदाम स्तर पर ही अधिकाधिक करें, जिससे शासन को कम से कम परिवहन करवाना पडे़।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए 36915 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो गत वर्ष हुए 48580 पंजीयन की तुलना में 11665 कम है। इस वर्ष जिले में 2.50 लाख मी.टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए 95 खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें से 36 गोदाम स्तर पर है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर खरीदी के लिए 26 खरीदी केन्द्र बनाये हैं। ये सभी केन्द्र गोदाम स्तर पर है। जिले में 21 मार्च से चना, मसूर की खरीदी प्रारंभ हो गई है। अब तक तीन उपार्जन केन्द्रों में 31.50 क्विंटल चना का उपार्जन किया गया है और 5 सर्वेयर जिले को प्राप्त हुए हैं।
महाप्रबंधक सीसीबी श्री आरसी पटले ने बैठक में बताया कि इस वर्ष गेहूं उपार्जन नीति में शासन द्वारा बदलाव किया गया है। अब किसानों को स्वत: अपने- अपने स्लाट की बुकिंग करना होगा। इसके लिए किसान संबंधित तहसील में सुविधाजनक केन्द्रों में स्लाट बुकिंग कर सकते हैं। अपनी उपज की बिक्री के लिए किसानों को एसएमएस मिलेगा। उसी नियत तिथि में ही कृषक को प्राप्त एसएमएस के आधार पर अपनी उपज को विक्रय करना होगा। एक कृषक को एक ही बार में ही अपनी संपूर्ण उपज का विक्रय करना होगा। साथ ही शासन की उपार्जन नीति के तहत शतप्रतिशत कृषकों को आन पेमेंट बेसिस उपज को छन्ना लगवाना होगा। अच्छी क्वालिटी का गेहूं ही शासन क्रय करेगा।