: भोपाल,हैण्डलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की सदस्यता लेगा मध्यप्रदेश एच.एस.व्ही.एन
Tue, Dec 7, 2021
मंत्री भार्गव की अध्यक्षता में संचालक मण्डल की बैठक में हुआ निर्णय
भोपाल। प्रदेश में उत्पादित हैण्डलूम उत्पादों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मुहैया कराने के लिए म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरधा विकास निगम द्वारा हैण्डलूम एक्सपोर्टप्रमोशन काउंसिल, नई दिल्ली की सदस्यता ली जाएगी। यह निर्णय लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंश्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में निगम के संचालक मंडल की 138वीं बैठक में लिया गया।
मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के हाथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए मृगनयनी एम्पोरियम की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसी क्रम में हैण्डलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की सदस्यता ली जा रही है।
संचालक मण्डल की 137 वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन, आऊटसोर्स कर्मचारियों के अनुबंध, मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना में नियुक्तियों पर भी निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रबंध संचालक संत रविदास म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने निगम की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी।
: सिंचाई परियोजनाओं का कार्य तेज गति से पूरा करें,मुख्यमंत्री
Wed, Dec 1, 2021
हरदा को सौ फीसदी सिंचित जिला बनाये
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा घाटी विकास विभाग प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं का कार्य तेज गति से पूरा कराने के प्रयास करें। जिन परियोजनाओं का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है उन्हें शीघ्रता से प्रारंभ कराया जाए। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में नर्मदा नियंत्रण मंडल की 72वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में हरदा जिले को शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनाये। प्रदेश के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। हरदा शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनकर अन्य जिलों के लिए आदर्श मॉडल बन सकेगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चिंकी–बौरास बराज संयुक्त बहुउद्देशीय माइक्रो सिंचाई परियोजना
जानकारी दी गई कि चिंकी–बौरास बराज संयुक्त बहुउद्देशीय माइक्रो सिंचाई परियोजना के अंतर्गत चिंकी एवं बौरास बराज, पावर हाउस, पम्प हाउस आदि का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से नरसिंहपुर-रायसेन एवं होशंगाबाद जिले के 396 ग्राम लाभान्वित होंगे तथा एक लाख 31 हजार 925 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना
सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत खरगोन-इंदौर में प्रेशराईज्ड पाइप्ड सिंचाई प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। परियोजना से 272 ग्राम लाभान्वित होंगे और 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।
भीकनगाँव बिंजलवाड़ा माईक्रो सिंचाई परियोजना
बैठक में भीकनगाँव बिंजलवाड़ा माईक्रो सिंचाई परियोजना के अंतर्गत खरगोन जिले में माइक्रो सिंचाई पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की समय-सीमा 30 जून 2023 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। परियोजना के पूर्ण होने पर 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
: एमएसएमई मंत्री सखलेचा की मौजूदगी में वालमार्ट और फ्लिपकार्ट के बीच एमओयू
Tue, Nov 30, 2021
एमएसएमई सेक्टर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी
मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने की सुनियोजित नीति के तहत मंगलवार को एमएसएमई विभाग ने मध्यप्रदेश के 14 लाख से अधिक नवउद्यमियों के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता का बनाने और प्रतिस्पर्धा तथा मार्केटिंग चेन बनाने के लिए वालमार्ट एवं फ्लिपकार्ट के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा की उपस्थिति में विभाग के सचिव श्री पी नरहरि और वालमार्ट के डायरेक्टर श्री जोसफ जूलियन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर तथा आदान-प्रदान हुआ। फ्लिपकार्ट के रीजनल हेड श्री डी पी वानकानी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कुशाभाऊ ठाकरे हाल (मिंटो हाल) में सम्पन्न हुए समारोह में मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि चाहे कलस्टर आधारित उद्यम हों, एक जिला-एक उत्पाद हों अथवा नव उद्यमियों के स्वयं के उत्पाद, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग के साथ प्रतिस्पर्धात्मक लागत और मूल्य एवं तकनीकी के इस्तेमाल से नव उद्यमियों को इस एमओयू से संबल मिलेगा। यह एमओयू रिटेल और होलसेल मार्केटिंग के साथ ही उत्पाद की पैकिंग, प्रतिस्पर्धा, गुणवत्ता और लागत को उपभोक्ता के हिसाब से सुनिश्चित करने के लिए नवउद्यमियों को प्रशिक्षित भी करेगा।
मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि आज प्रदेश के तकरीबन 14 लाख उद्यमी एमएसएमई सेक्टर में पंजीबद्ध हैं । उन्होंने कहा कि उत्पादों की ग्रेडिंग और मार्केटिंग के लिए ख्यातिलब्ध ई-कॉमर्स संस्थाओं के नेटवर्किंग का हिस्सा बने बिना प्रदेश के उद्यमियों के लिए अपने उत्पाद की पहचान बना पाना असंभव सा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले देश की सीएसआईआर की 36 लैब से एमओयू के पीछे भी यह धारणा थी कि एमएसएमई सेक्टर को प्रौद्योगिकी और लगातार परिवर्तित हो रही तकनीकी से सतत मदद मिलती रहे।
मंत्री श्री सखलेचा ने उम्मीद जताई कि वालमार्ट और फ्लिपकार्ट अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश को विशेष दर्जा देकर यहां के उत्पादों का प्रचार अंतिम उपभोक्ता तक करेंगे। उन्होंने कहा कि आज की यह छोटी शुरूआत धीरे - धीरे रंग लाएगी और प्रदेश के उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक धूम मचाएंगे।
आयुक्त और एमएसएमई सचिव श्री पी. नरहरि ने कहा कि इस एमओयू से मध्यप्रदेश के उद्यमियों के उत्पादों के लिए देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ताओं के बीच नए द्वार खुलेंगे। इस एमओयू में नए-नए माड्यूल, उद्योगों के विकास, प्रशिक्षण, सेमीनार आदि को भी समाहित किया गया है। राज्य के नव उद्यमी इससे लाभांवित होंगे। नेटवर्किंग आज बड़ी जरूरत है और सही प्लेटफार्म के कारण उत्पादों की मार्केंटिंग में होने वाली कमी को भरने में इस एमओयू से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई विभाग कलस्टर, 'एक जिला-एक उत्पाद' के उत्पादों का जिला स्तर पर हब बनाए जाने के लिए प्रयासरत है ।
वालमार्ट वृद्धि के डायरेक्टर श्री जोसफ जूलियन ने उनकी संस्था को यह अवसर देने के लिए मध्यप्रदेश शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उद्योगों के विकास, बाजार और प्रतिस्पर्धा के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान तथा मार्केट उपलब्ध करवाना उनका ध्येय होगा। फ्लिपकार्ट के रीजनल हेड श्री डी पी वेलीकान ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग मित्र नीतियां उनके नेटवर्क के अनुकूल हैं। उन्होंने कोरोना काल में राज्य शासन द्वारा उद्योगों को दी गई सहूलियतों का उल्लेख करते हुए कहा कि फ्लिपकार्ट एमएसएमई सेक्टर को आगे ले जाने का हर संभव प्रयास करेगा।