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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से की शिकायत : गुणवत्ता विहीन दवाइयां कफ सिरप पर प्रतिबंध की मांग।

Aditi News Team

Sat, Oct 4, 2025

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से की शिकायत गुणवत्ता विहीन दवाइयां कफ सिरप पर प्रतिबंध की मांग।

गाडरवारा। गुणवक्ता विहीन दवाइयां की लगातार हो रही सप्लाई से जहां एक और देश के विभिन्न हिस्सों से यह गंभीर तथ्य सामने आ रहा है कि शासकीय अस्पतालो एवं बाजार में बेचे जा रहे। उक्त शिकायत भाजपा नेता पवन पटेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा,प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को शुक्रवार में ईमेल के माध्यम से प्रेषित की। शिकायत में उल्लेख किया गया है कुछ अमानक कफ सिरप में डाई-एथिलीन ग्लाइकॉल व ब्रेक ऑयल का सॉल्वेंट जैसे जहरीले रसायनों का उपयोग किया जा रहा है। इन जहरीले तत्वों के सेवन से बच्चों की किडनी फेल हो रही है और उनकी मृत्यु हो रही है।

हाल ही में राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में अब तक 10 बच्चों की मौत इस जहरीले सिरप से हो चुकी है। यह घटना वर्ष 2022 की उस बड़ी त्रासदी की याद दिलाती है जब जहरीले सिरप से 150 से अधिक बच्चों की मृत्यु हुई थी।

जहरीले कफ सिरप की तुरंत जांच कर उत्पादन व बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए।दोषी दवा कंपनियों व संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।दवा निर्माण व लाइसेंसिंग प्रक्रिया में कठोर निगरानी प्रणाली लागू की जाए।देशभर में उपलब्ध कफ सिरप का गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य किया जाए।मृत बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता व मुआवजा प्रदान किया जाए।यह घटना प्रदेश की दवा आपूर्ति व नियंत्रण व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाती है,छिंदवाड़ा सहित पूरे प्रदेश में उपलब्ध संदिग्ध कफ सिरप की तुरंत जांच कर बिक्री पर रोक लगाई जाए।

दोषी दवा कंपनियों, सप्लाई चेन संचालकों व संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।प्रदेशभर में उपलब्ध सिरप का लैब टेस्ट कराया जाए।

मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु दवा नियंत्रण विभाग को सशक्त व जवाबदेह बनाया जाए।

नन्हे बच्चों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। तत्काल ठोस कदम उठाकर इस पर राष्ट्रीय स्तर पर कठोर कार्यवाही की जाए। शिकायत की छायाप्रति सरकार के उच्च अधिकारियों को ईमेल के माध्यम से प्रेषित की गई।

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