बरसात में बच्चों की सुरक्षा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए निर्देश : नरसिंहपुर जिले में वर्षाकाल के दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए
Aditi News Team
Sun, Jul 5, 2026
बरसात में बच्चों की सुरक्षा पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा ने दिए आवश्यक निर्देश
नरसिंहपुर। जिले में वर्षाकाल के दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा ने समस्त संस्था प्रमुखों, प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी स्थिति में बच्चों को जर्जर भवन अथवा असुरक्षित कक्षों में न बैठाया जाए और विद्यालय परिसरों में सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराई जाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. कुशवाहा ने निर्देशित किया है कि जिन विद्यालयों में भवन या कक्ष जर्जर स्थिति में हैं, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। यदि कोई कक्ष उपयोग योग्य नहीं है तो उसे तत्काल बंद कर ताला लगाया जाए। वहीं संपूर्ण भवन असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में कक्षाओं के संचालन के लिए वैकल्पिक सुरक्षित भवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्षाकाल में विद्यालय परिसरों में विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। खुले विद्युत तार, क्षतिग्रस्त स्विच बोर्ड, अव्यवस्थित वायरिंग तथा करंट फैलने की आशंका वाले सभी बिंदुओं को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा गया है। साथ ही स्कूल परिसर, खेल मैदान और भवनों के आसपास अनावश्यक झाड़ियों, गंदगी, जलभराव और गड्ढों को तुरंत साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सर्पदंश, कीट-पतंगों और फिसलन जैसी घटनाओं की आशंका को रोका जा सके। उन्होंने पेयजल एवं मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में पानी की टंकियों, हैंडपंपों एवं अन्य पेयजल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, भोजन कक्ष और रसोईघर की स्वच्छता तथा भोजन को ढककर सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने बरसात के मौसम में गंदगी, मक्खियों और कीट-पतंगों के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यवहार, खान-पान, ऊर्जा स्तर, दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों पर नियमित नजर रखने के निर्देश दिए। यदि किसी बच्चे में अस्वस्थता, कमजोरी या असामान्य व्यवहार दिखाई दे तो तत्काल अभिभावकों से संपर्क कर आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराना सुनिश्चित किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा ने सभी विद्यालय के प्रमुखों से कहा है कि वे इन निर्देशों का गंभीरता से पालन कर विद्यालयों में सुरक्षित, स्वच्छ और छात्रहितैषी वातावरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा की निरंतरता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह
नरसिंहपुर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा