गाडरवारा विश्व हिंदी दिवस पर हुआ सम्मान : हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुशील शर्मा को ‘साहित्य शिरोमणि’ सम्मान
Aditi News Team
Wed, Sep 16, 2026हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुशील शर्मा को ‘साहित्य शिरोमणि’ सम्मान
(विश्व हिंदी दिवस पर सम्मान)
गाडरवारा। हिंदी साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता, उत्कृष्ट लेखन एवं साहित्य साधना के लिए गाडरवारा के साहित्यकार सुशील शर्मा को ‘साहित्य शिरोमणि’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान डॉ. जयकिरण शोध शिक्षण संस्थान, बड़नगर, जिला उज्जैन द्वारा प्रदान किया गया।
संस्थान द्वारा जारी सम्मान पत्र में कहा गया है कि वर्तमान समय में समाज निरंतर नई चुनौतियों से रूबरू हो रहा है तथा रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं में क्षरण दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में सुशील शर्मा द्वारा साहित्य के माध्यम से समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है, जो सराहनीय एवं वंदनीय है। उनकी उत्कृष्ट लेखनी और साहित्य साधना समाज को नई दिशा एवं चेतना प्रदान कर रही है।
संस्थान ने उनके साहित्यिक योगदान को उत्कृष्ट एवं अद्वितीय बताते हुए कहा कि उनकी साहित्य सेवा समाज निर्माण तथा निर्धन वर्ग के उत्थान में सदैव सहयोगी बनी रहे। संस्थान ने उनके सुदीर्घ, यशस्वी जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना भी की है।
सुशील शर्मा सेवानिवृत्त प्राचार्य होने के साथ हिंदी साहित्य के सक्रिय रचनाकार हैं। उनकी 37 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। कविता, काव्य नाटिका, उपन्यास, लघुकथा तथा विविध साहित्यिक विधाओं में उनका सृजन निरंतर जारी है। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना, भारतीय संस्कृति और समकालीन जीवन के विविध पक्षों का प्रभावी चित्रण देखने को मिलता है।
विश्व हिंदी दिवस के संदर्भ में यह सम्मान हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति समर्पित रचनाकारों की भूमिका को भी रेखांकित करता है। आज जब हिंदी वैश्विक स्तर पर निरंतर अपना विस्तार कर रही है, ऐसे में साहित्यकारों की रचनात्मक साधना हिंदी को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सुशील शर्मा को ‘साहित्य शिरोमणि’ सम्मान मिलने पर साहित्य जगत, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके निरंतर साहित्य सृजन के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।Tags :