Thursday 5th of November 2026

ब्रेकिंग

किसान जन आक्रोश रैली एवं धरना प्रदर्शन आंदोलन

बिना लायसेंस के रहवासी इलाके मे अवैध रूप से पटाखा विक्रय करने वाले दुकान संचालकों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज

दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज

गाडरवारा नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम के द्वारा के बाजारों एवं दुकानों एवं गोदाम का निरीक्षण किया गया

करेली में वार्षिक खेल एवं सांस्कृतिक समारोह ‘कार्मेल अरौरा’ बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता से मनाया गया

मां नर्मदा के अनन्य भक्ति में रमे संत नवनाथ नाईक,चौथी परिक्रमा जारी : मां नर्मदा के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे महाराष्ट्र-गोवा के संत

Aditi News Team

Tue, May 26, 2026

मां नर्मदा की अनन्य भक्ति में रमे संत श्री नवनाथ नाईक, चौथी परिक्रमा जारी

साईंखेड़ा/नर्मदा तट। मां नर्मदा के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे महाराष्ट्र-गोवा सीमा क्षेत्र के डिंगणे गांव निवासी संत श्री नवनाथ नाईक इन दिनों अपनी चौथी नर्मदा परिक्रमा पर हैं। उनकी यह परिक्रमा अब तक 3 वर्ष, 3 माह और 13 दिन की लंबी अवधि पूरी कर चुकी है और निरंतर जारी है। इसी के अंतर्गत श्री नायक जी का आगमन दादाजी धूनी वालों की नगरी साईखेड़ा में हुआ दादाजी की पूजन अर्चन करने के उपरांत नगर में रात्रि विश्राम किया उसी समय हम लोगों की उनसे मुलाकात हुई उन्होंने अपना वृत्तांत सुनाया एवं साईखेड़ा से सुबह नर्मदा तट श्रीश्री संदूक संगम घाट रवाना हुए/

बी.कॉम. शिक्षित श्री नाईक पहले रेनबो इंक एंड वार्निश मैन्युफैक्चरिंग कंपनी प्रा. लि. में क्लेरिकल पद पर कार्यरत रहे हैं। सांसारिक जीवन के साथ-साथ उनकी आस्था मां नर्मदा में इतनी गहरी रही कि उन्होंने नर्मदा परिक्रमा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक साधन बना लिया।

श्री नवनाथ नाईक इससे पूर्व भी तीन सफल नर्मदा परिक्रमाएं पूर्ण कर चुके हैं। उनकी पहली परिक्रमा 110 दिनों, दूसरी 117 दिनों तथा तीसरी 113 दिनों में संपन्न हुई थी। वर्तमान में चल रही चौथी परिक्रमा उनकी दृढ़ आस्था, तपस्या और मां नर्मदा के प्रति समर्पण का जीवंत प्रमाण है।

नर्मदा तट पर मिलने वाले श्रद्धालु और संतजन उनके इस कठिन आध्यात्मिक संकल्प की सराहना कर रहे हैं। श्री नाईक का कहना है कि मां नर्मदा की कृपा से ही उन्हें इस लंबी यात्रा को पूरा करने की शक्ति और प्रेरणा मिल रही है।

मां नर्मदा के प्रति उनकी यह निष्ठा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है तथा यह संदेश देती है कि सच्ची आस्था और दृढ़ संकल्प से कोई भी आध्यात्मिक लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

Tags :

अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

संत श्री नवनाथ नाईक

जरूरी खबरें