अखिल भारतीय सर्व चड़ार-चिड़ार समाज सभा की बैठक आयोजित : सामाजिक एवं संगठनात्मक बैठक तेंदूखेड़ा स्थित वृन्दावन गार्डन में राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलाराम अठ्या के मुख्य आतिथ्य में संप
Aditi News Team
Thu, Sep 17, 2026
तेंदूखेड़ा में अखिल भारतीय सर्व चड़ार-चिड़ार समाज सभा की बैठक आयोजित
तेंदूखेड़ा।जिला नरसिंहपुर की महत्वपूर्ण सामाजिक एवं संगठनात्मक बैठक तेंदूखेड़ा स्थित वृन्दावन गार्डन में राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलाराम अठ्या के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई।
बैठक में नरसिंहपुर जिला अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजजनों ने सामाजिक सम्मान, कुरीतियों में सुधार, शिक्षा, संगठन विस्तार, समाज के इतिहास, जातिगत पहचान और जनगणना में मूल जाति दर्ज कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के सिद्ध लोकसंत जूड़ीराम जी एवं ज्ञान की प्रतीक मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। उपस्थित समाजजनों ने लोकसंत जूड़ीराम जी के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके बताए मानवता, सदाचार और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का निर्णय सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चड़ार समाज का कोई व्यक्ति किसी अन्य समाज के सामाजिक आयोजन में भोजन करने तभी जाएगा, जब उसे अन्य आमंत्रित अतिथियों के समान सम्मानपूर्वक भोजन कराया जाए।
समाज ने यह भी निर्णय लिया कि किसी की गमी अथवा अन्य ऐसी रसोई में केवल भोजन करने के उद्देश्य से बुलाए जाने वाले आमंत्रण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि समाज पारस्परिक सद्भाव और सभी समाजों के सम्मान में विश्वास करता है, लेकिन किसी भी प्रकार का भेदभाव अथवा अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“कोटवार एक नौकरी है, पूरे समाज की पहचान नहीं”
बैठक में समाज को परंपरागत रूप से “कोटवार” कहकर संबोधित किए जाने पर भी आपत्ति ली गई। समाजजनों ने सर्वसम्मति से कहा कि गांव में शासन द्वारा कोटवार के पद पर नियुक्त व्यक्ति ही कोटवार है; किसी व्यक्ति के संवैधानिक पद के आधार पर पूरे समाज को ‘कोटवार समाज’ कहना स्वीकार नहीं है।
मृत्युभोज सीमित करने और कपड़ों के स्थान पर श्रद्धांजलि राशि का निर्णय
सामाजिक सुधार की दिशा में बैठक ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। मृत्यु के अवसर पर बड़े स्तर पर भोजन कराने की परंपरा को सीमित करते हुए इसे निकट संबंधियों तक सीमित रखने पर सहमति बनी।
इसी प्रकार शोक के अवसर पर कपड़े, तौलिया आदि देने की परंपरा के स्थान पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार नकद राशि श्रद्धांजलि स्वरूप देने का निर्णय लिया गया, ताकि अनावश्यक खर्च कम हो और संबंधित परिवार को वास्तविक आवश्यकता के समय आर्थिक सहयोग मिल सके।
फोन और WhatsApp का निमंत्रण भी होगा मान्य होगा।
तेंदूखेड़ा इकाई का गठन, रामकुमार चड़ार अध्यक्ष नियुक्त
बैठक में संगठन विस्तार के अंतर्गत तेंदूखेड़ा इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
सर्वसम्मति से रामकुमार चड़ार, देवरी राजमार्ग को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अशोक चड़ार, ग्वारी को उपाध्यक्ष, पूरन लाल चड़ार, तेंदूखेड़ा को सचिव, राजू चड़ार, करोंदी को सह-सचिव तथा भगवानदास चड़ार, खमरिया को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यकारिणी सदस्य के रूप में धम्मन सिंह चड़ार (गुदरई), रामसेवक चड़ार (झिरी), कमलेश चड़ार (चिलका) और केवल सिंह चड़ार (मानकपुर) का चयन किया गया।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलाराम अठ्या, श्री गयाप्रसाद चड़ार, वृंदावन आठ्या, भगवत सिंह आठ्या, धर्मेंद्र सिंह चड़ार, बेगमगंज, विश्राम सिंह चड़ार (देवरी गंज),धनीराम चड़ार (मानकपुर), भगवानदास चड़ार (खमरिया), उमेश चड़ार (आंवरिया), भागचंद चड़ार (खमरिया), कमलेश चड़ार (चिलका), राजेंद्र चड़ार (सिगोटा), धम्मन सिंह चड़ार (गुदरई), गोलू चड़ार विछुआ अशोक चड़ार (ग्वारी), कमलेश चड़ार, मानसिंह चड़ार (खैरूआ ), गोकुल प्रसाद चड़ार (तेंदूखेड़ा), रामकुमार चड़ार (देवरी राजमार्ग), वृन्दावन चड़ार (देवरीगंज), रत्ना चड़ार, रघुवीर चड़ार (देवरी राजमार्ग), वृन्दावन चड़ार (बेगमगंज), श्रीकांत चड़ार (धूपखेडा) धनीराम चड़ार (खमरिया), विवेक चड़ार (सिमरिया), देवराज (मोथेगांव), सूरज सिंह चड़ार (खिमरिया) तथा पूरन लाल चड़ार सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में समाज में शिक्षा, संगठन, समानता, आत्मसम्मान और वैज्ञानिक चेतना को मजबूत करने तथा सामाजिक कुरीतियों को सामूहिक प्रयास से समाप्त करने का संकल्प लिया गया।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
अखिल भारतीय सर्व चड़ार-चिड़ार समाज सभा नरसिंहपुर