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: अचानक अतिथि शिक्षक पद समाप्त और फालन आउट को सेवा में वापिस ना लेना बनी मुसीबत शिक्षा मंत्री करें समस्या का निराकरण 

Aditi News Team

Mon, Jul 7, 2025
अचानक अतिथि शिक्षक पद समाप्त और फालन आउट को सेवा में वापिस ना लेना बनी मुसीबत शिक्षा मंत्री करें समस्या का निराकरण  अतिथि शिक्षक महासंघ के प्रांत कार्यकर्ता एवं जिला अध्यक्ष एस के सोनी वर्तमान में अतिथि शिक्षकों की चल रही परेशानियों के बारे में जानकारी देती हुए कहा कि मप्र शासन एक तो हमको पक्का रोजगार नहीं दे पा रहा है उल्टे जो अस्थाई रोजगार मिला अपने आदेश अटपटे आदेशो और प्रक्रियाओं के चलते वापस लेकर परेशानियां बढ़ा रहा है। विगत 26 जून को पूर्व कार्यरत अ शि को ऑनलाइन रिज्वायनिंग देने संबंधी डी.पी.आई भोपाल के द्वारा आदेश जारी हुए थे लेकिन जिले अनेक विद्यालयों में पूर्व कार्यरत सभी अति. शि.को वापस नहीं लिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग की हास्य-पद सोच इस बात से दिखती है कि पिछले साल विभिन्न शालाओं और विषयों के अति. शि. के पद जिस विद्यार्थी दर्ज संख्या के आधार पर ऑनलाइन में दर्शाए गए थे उन्ही पदों को वर्तमान सत्र 25 26 में कुछ स्कुलों व विषयों से हटा दिए गए हैं पर आश्चर्य सभी स्कूलों से ऐसा नहीं किया गया हैं। इस पर पीड़ित अतिथी शिक्षकों ने अपना असंतोष और आक्रोश दर्ज करा कहा कि यदि विद्यार्थी दर्ज संख्या की पिछले वर्ष की भाँति है तब उन्हें सेवा में रिज्वायनिंग मिलनी चाहिये । यदि दर्ज संख्या की समस्या थी तो उन्हें पिछले सत्र में क्यों जॉइनिंग दी गई ??? अन्यथा वे तब अपने स्कोर कार्ड के अंकों के आधार पर किसी भी शाला में जॉइनिंग ले सकते थे। परंतु विभाग की इन गड़बड़ी कारण वहां से भी वंचित हो फालन आउट हो कर बेरोजगार हो रहे है। यदि परमानेंट शिक्षक अति शेष होते हैं तो उनके रोजगार को छीना नहीं जाता यहां तो 15 15 सालों के अनुभवी अतिथि शिक्षकों को सड़कों पर लाया जा रहा है। अब जब उन्हें फालन - आउट कर दिया गया है तब इतने पुराने अनुभव के आधार पर भी वापस सेवा में आना मुश्किल होगा क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग के पास फ़ालन आउट अतिथि शिक्षकों के लिए कोई भी नीति निर्देश नहीं बनाएं हैं। 15 17 साल स्कूल शिक्षा विभाग की सेवा करने के बाद उन्हें अन्य जगह कहां पर रोजगार मिलेगा ? वर्षो से अत्यंत अल्प मानदेय में काम करनों वाले अनुभवी अतिथि शिक्षक के भविष्य की सुरक्षा लिए कोई भी विशेष नीति अभी तक नहीं बनाई है। सरकार केवल अति. शि. के नए-नए पंजीयन करवा रही है और केवल उन्हीं का भला कर रही है इतने सेवा-भाव और अनुभव वालों के साथ भेदभाव कर रही है। अतिथि शिक्षक सूत्रों के अनुसार जिले में रीज्वाईनिंग सम्बंधित समस्याएं जैसे विगत सत्र में जॉइनिंग पर इस सत्र में नहीं, ट्रांसफर से परमानेंट शिक्षक का ना आना फिर उसका ज्वाइन ना करना,स्कूल प्रभारी के द्वारा अतिथि शिक्षक की रिक्वेस्ट न करना, कहीं-कहीं स्कूल प्रभारी द्बारा पद शो होने पर अतिथि शिक्षक की रिक्वेस्ट को अप्रूव ना करना, स्कोर कार्ड से संबंधित कई प्रकार की तकनीकी समस्या आ जाना आदि विभिन्न स्कूलों में आ रही हैं।गोटेगांव ब्लॉक में-श्रीनगर हायर सेकेंडरी स्कूल ,उमरिया हायर सेकंडरी स्कूल,एम एस सांकल संकुल राखी भैसा,वर्ग 02 लाइब्रेरी साईंस सी एम राइज गोटेगाँव साईंखेड़ा ब्लाक-सी एम राइज में प्रयोगशाला सहायक वर्ग 3,हाई स्कूल देतपोन विषय हिंदी,करेली ब्लॉक में -हॉयर सेकंडरी स्कूल कठोतिया गर्ल्स स्कूल आमगांव बड़ा प्रयोगशाला वर्ग 03,चावर पाठा में-हाई स्कूल मदनपुर विषय संस्कृत, तेंदूखेड़ा बालक में विषय हिंदी,नरसिंहपुर ब्लाक-एम एस गोघरा, मुंगवानी संकुल,चीचली ब्लाक -एम एस इमलिया गोलगाँव, संकुल कन्या सालीचौका,हायर सेकंडरी सुखाखेरी,हायर सेकंडरी तेंदूखेड़ा(गोटी),इनके अलावा अन्य स्कूलों में भी समस्या हो सकती हैं इन समस्याओं को पहचान कर स्कूल शिक्षा विभाग से निराकरण की प्रार्थना की गई है। गोटेगांव ब्लॉक की 12-15 वर्ष अनुभवी महिलाअतिथि शिक्षका ने बताया कि इस सत्र अचानक पद समाप्त करने से घर में खाने-पीने तक की समस्या आ गई है क्योंकि उनकी जीविका इसी से चल रही है और तो और आवश्यकता होने पर कुछ लाख रूपयों का कर्जा भी ले लिया अब वह कैसे चूकेगा। आगे बताया गया कि संपूर्ण मध्य प्रदेश में सबसे अधिक ज्वंलत समस्या यह है कि सरकर की नीतियों के कारण 10 से 15 साल पुराने अतिथि शिक्षक सेवा से बाहर होकर फालन आउट हो रहे हैं कारण उनके नए नए आवेदन आना , ट्रांसफर, अति शेष शिक्षक, शालायों का बन्द होना आदि कुछ भी सकते हैबल जबकि फालनआउट अति शि को उच्च शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वानों के जैसे सर्वप्रथम सेवा में लेना चाहिए लेकिन सरकार लाखों आवेदन जी एफ एम एस पोर्टल पर कराकर इनके साथ कुठार घात कर रही है।अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय से आवाहन किया है इन समस्याओं का शासन स्तर तथा स्थानीय स्तर पर निराकरण कर उनका दुःख और असंतोष को दुर करें अथवा भड़का हुआ असंतोष सड़क पर आएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की रहेगी।    

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