: सावित्रीबाई फुले जयंती का हुआ आयोजन
Wed, Jan 4, 2023
सावित्रीबाई फुले जयंती का हुआ आयोजन
भारत की प्रथम महिला शिक्षिका,समाज सुधारक एवं महिलाओं के हक अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली माता सावित्रीबाई फुले एवं हॉकी के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी कुशल राजनीतिज्ञ,शिक्षाविद जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती के अवसर पर म.प्र. अजाक्स तहसील इकाई गाडरवारा ब्लॉक इकाई साईं खेड़ा एवं चीचली के संयुक्त तत्वाधान में जयंती समारोह का आयोजन किया गया।आयोजन में उपस्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं म प्र अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के पदाधिकारियों ने सावित्रीबाई फुले एवं जयपाल सिंह मुंडा जी के सामाजिक सुधार व जन सेवा के श्रेष्ठतम कार्यों का उल्लेख करते हुए स्मरण किया।उक्त अवसर पर बी.एस परिहार,रामशंकर ठाकुर, उमेद सिंह अहिरवार,जे.एस धुर्वे,मलखान मेहरा, टीकाराम कोरी,बी.डी अहिरवार,रोहित जाटव, धनीराम कोरी,मनीष बाल्मीकि,प्रीतम अहिरवार, विनोद ठाकुर, बंशीलाल अहिरवार, मानक लाल अहिरवार,राजू ठाकुर, अशोक कुमार मेहरा,देवेंद्र पगारे,सुरेश जाटव,श्रवण ठाकुर,डी.सी ठाकुर,रामेश्वर खेमरिया,विनोद मांडले, दामोदर जाटव,संतोष जाटव,राजकुमार ठाकुर, परसराम अहिरवार, कैलाश अहिरवार, राजकुमार अहिरवार, गंगाराम कुमरे,मोहन जाटव, रामदीन अहिरवार आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
: काश तुम समझ सको पं. सुशील शर्मा की कलम से
Wed, Jan 4, 2023
काश तुम समझ सको
मेरे बोलने मेंऔर तुम्हारे समझने मेंउतना ही अंतर है जितनाआर्ट गैलरी में टँगीमजदूर की चीखती तस्वीर मेंऔर सड़क पर अपने अधिकारों के लिए लड़तेचीखते मजदूर में। मेरे बोलने मेंऔर तुम्हारे समझनेमें उतना ही अंतर है जितनागौ रक्षा के लिएसरकार समाज और प्रवचनकर्ताओं केनिष्फल प्रयास मेंऔर सड़क पर हजारोंभूखी मरी पड़ी गायों में। मेरे बोलने मेंऔर तुम्हारे समझनेमें उतना ही अंतर है जितनानारी समानता और विमर्श केआंदोलनों में जलती मशालोंऔरसड़कों पर बलात्कार के बादकुचल कर मारी गईं बेटियों की चीत्कारों में होता है। मेरे बोलने मेंऔर तुम्हारे समझने मेंउतना ही अंतर है जितनाबिना जरूरत के दो तीन पुरानी पेंशन लेने वाले माननीयों की मधुर मुस्कुराहटों में और जिंदगी भर सरकारी नौकरी कर वृद्धावस्था में आठ सौ रुपयेमहीने की नई पेंशन लेने वालेवृद्ध के चिंतित चेहरे में। मेरे बोलने मेंऔर तुम्हारे समझने मेंउतना ही अंतर है जितनाचुनावों के समय किये गए वादों और चरणों में गिरते माथों और बाद में लतियाये गए झिड़की खाये मौन मतदाता में। तुम मानो या न मानोउतना ही अंतर है जितनादृढ़ता से बोले गए झूठ मेंऔर सकपकाए सत्य में होता है। सिर्फ उतना ही अंतर है जितनामुट्ठी भर इंडिया जो हमारे मतों से बन बैठते हैं सरकार और विशाल भारत मौन स्वीकारता है उस झूठ को जो वो कहते हैं यह सत्य है। अंतर उतना ही है जितनातुम्हारा गुलाबी लहज़ाऔर उसके नीचे छिपेखूंरेज खंजर। सच काश मेरे बोलने को तुमसमझ सको और तुम्हारीसमझ पर मैं बोल सकूँ। सुशील शर्मा
: गरीब कल्याण के लिए 4 जनवरी का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
Tue, Jan 3, 2023
गरीब कल्याण के लिए 4 जनवरी का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना में 10 हजार 500 परिवारों को होगा 120 करोड़ रूपये के भू-खण्डों का वितरण,मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि चार जनवरी का दिन गरीब कल्याण के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। ऐसे गरीब भाई-बहन, जिनके पास रहने की जगह नहीं है उन्हें नि:शुल्क प्लाट उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना में 4 जनवरी को टीकमगढ़ जिले के 10 हजार 500 परिवारों को 120 करोड़ रूपये मूल्य के भूखंडों का वितरण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले, अपने संबोधन में कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि टीकमगढ़ प्रवास के दौरान वहाँ के लोगों ने समस्या बताई थी कि एक-एक मकान में 50-60 लोग रहने को विवश हैं, घर पर रहने की जगह तक नहीं है। इस समस्या का कारण यह है कि परिवार का तो विस्तार हुआ पर रहने का स्थान उतना ही रहा। गरीबी के कारण विस्तारित परिवारों के पास प्लाट या भूमि भी नहीं है। परिणामस्वरूप मकान बनाने की योजना का लाभ भी उनको नहीं मिल सकता। इसीलिए मैंने यह सोचा था कि टीकमगढ़ की धरती पर ही हम ऐसी योजना लाएंगे जिसमें किसी भी वर्ग के गरीब भाई-बहन, जिनके पास रहने की जगह नहीं है, को नि:शुल्क प्लाट उपलब्ध कराया जाएगा। इन प्लाटों पर वे अपना घर बना सकेंगे और अन्य योजनाओं का लाभ भी ले सकेंगे। मुख्य़मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह अपने आप में अद्भुत योजना है। योजना में जमीन का पट्टा पति-पत्नी के नाम पर होगा। उन्हें कोई प्रीमियम नहीं देना होगा, जमीन पूरी तरह से नि:शुल्क मिलेगी और भू-खण्ड के साथ बाकी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हर जिले में ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे गरीब भाई–बहनों को प्लाट उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिन भाई और बहनों को यह प्लॉट मिल रहे हैं, उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार का यही उद्देश्य है कि सभी सुखी रहें। यह उनका अधिकार भी है। उन्होंने कहा कि भगवान ने इस धरती पर जिन्हें भेजा है, उनको रहने की जगह भी मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना उनकी इस जरूरत को पूरा करेगी।