: सब जेल सिहोरा में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन
Sat, Jun 14, 2025
सब जेल सिहोरा में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन
सिहोरा:- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशानिर्देशन में स्वस्थ यकृत मिशन एवं १०० दिवसीय टी.बी. अभियान के अंतर्गत सब जेल सिहोरा में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन डॉक्टर राघवेन्द्र त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सिविल अस्पताल सिहोरा की मेडिकल टीम द्वारा किया गया जिसमें सभी 71 बंदियों का बीएमआई टेस्ट, बीपी, पल्स,कमर की नाप, हाइट, वजन,स्पुटम, सीबीनाट की जाँच की गयी एवं यकृत के रखरखाव एवं टीबी से बचाव की जानकारी दी गई मेडिकल टीम में विनोदकोरी ,मनोज गुप्ता,श्रीमती पंचवटी वर्मा, श्रीमती उमा पटेल एवं देवेंद्र राजपूत का सराहनीय योगदान रहा।सभी का दिलीप नायक जेलर द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
: तीन वर्षों से ज्यादा समय से नौकरी करने बालो का स्थानांतरण कब होगा l
Fri, Jun 13, 2025
रिपोर्टर भागीरथ तिवारी
तीन वर्षों से ज्यादा समय से नौकरी करने बालो का स्थानांतरण कब होगा l
करेली करेली मध्य प्रदेश शासन के द्वारा हर साल मई ,जून जुलाई माह में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण लेकर नीतियां बनाई जाती है l जिसमें तीन वर्षों से ज्यादा नौकरी करने वालों का स्थानांतरण होना चाहिए l इसी तरह अपने गृह आवास एवं गृह जिले में नौकरी न करने का आदेश भी रहता है l पर देखने में आता है कि नरसिंहपुर जिले के करेली के कार्यालय नगर पालिका, शासकीय, प्राथमिक माध्यमिक, उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ-साथ पशु विभाग, पुलिस विभाग,पी एच ई विभागों के साथ-साथ राजस्व, वन विभाग में से कुछ ऐसी कर्मचारी अधिकारी देखने को मिल जाएंगे जब से यह नौकरी करेली में कर रहे हैं सबसे उनका स्थानांतरण भी नहीं हुआ है l यदि किसी भी स्थिति में स्थानांतरण हो जाता है तो जन प्रतिनिधि एवं अधिकारियों की चौखट पर पहुंचकर जी ह जरूरी कर अपना स्थानांतरण रुकवा लेते हे l नगर पालिका करेली में तो ऐसी है कि मैं तो यह स्थिति है कि कुछ कर्मचारियों के ऐसे नौकरी कर रहे हे l जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य करेली नगर पालिका में अपनी सेवा देते हुए सेवानिवृत हो चुके हे l शासकीय प्राथमिक ,माध्यमिक उच्च विद्यालय में देखने को मिलता रहता है l वन विभाग एवं राजस्व विभाग के साथ-साथ पशु विभाग,राजस्व विभाग में भी ऐसी स्थिति बनी हुई है l कुछ तो अपना ग्रह आवास छोड़कर शासकीय आवास में रहकर अपना रोब बनाए हुए हैं l और तो और नगर पालीका में कुछ कर्मचारी तो बिना योग्यता के साथ-साथ बिना अन्य अनुभव की नौकरी कर रहे हैं l शिक्षा विभाग में भी शिक्षक कर्मचारियों की है स्थिति बनी हुई है l शिक्षक की नौकरी पति ,पत्नी भी कर रहे है l और जब भी इनका स्थानांतरण होता है तो यह जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों की जी हजूरी कर अपना स्थानांतरण रुकवा लेते हैं l और अपना दबदबा कायम करते हैं कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो विद्यार्थियों को कोचिंग क्लास करते हैं l और भारी भरकम राशि भी लेते हैं और समय आने पर किसी भी युवाओं को 2000 से 5000 रुपया तक का महीने की राशि देते हुए नौकरी भी करवाते हैं l
: गोसेवा, पंचगव्य और खेलों के संग बीता शिविरार्थियों का विशेष दिन
Fri, Jun 13, 2025
गोसेवा, पंचगव्य और खेलों के संग बीता शिविरार्थियों का विशेष दिन
सुसनेर/13 जून, श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में श्री कामधेनु गुरुकुलम एवं सूर्या फाउंडेशन के सयुक्त तत्वाधान में चल रहें 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर के सप्तम दिवस का आज का दिन शिविरार्थियों के लिए अत्यंत खास और स्मरणीय रहा। दिन की शुरुआत गौशाला भ्रमण और गौसेवा से हुई, जहां बच्चों ने गोमाता को चारा खिलाया, सेवा की और गौमाता के प्रति सम्मान की भावना को सजीव रूप में आत्मसात किया। इसके बाद शिविर में “खजाने की खोज” (Treasure Hunt) खेल का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों ने एक संकेत (क्लू) के आधार पर अगला क्लू खोजते हुए अंत में खजाने तक पहुँचने का रोमांचक और बौद्धिक सफर तय किया। यह खेल बच्चों की टीम भावना, तर्कशक्ति और दिशा ज्ञान को निखारने में सहायक रहा। इसके पश्चात शिविरार्थियों ने पंचगव्य लेप करके स्नान किया। पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर) का प्रयोग भारतीय आयुर्वेद में शरीर शुद्धि, त्वचा रोगों में लाभकारी, मन शांति और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु प्राचीनकाल से होता आया है। पंचगव्य लेप शिविरार्थियों को प्रकृति से जुड़ाव और आत्मशुद्धि का अनुभव भी कराता है। आज से शिविर प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई। चित्रकला, पत्र लेखन और रस्साकसी जैसी प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह से भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही कबड्डी की प्रारंभिक चरण की एवं रस्साकसी प्रतियोगिता भी आरंभ हुई, जिससे खेल भावना और अनुशासन की ऊर्जा पूरे परिसर में देखी गई।सांस्कृतिक कार्यक्रम में आज भारतीय परंपरा के अनुसार जन्मदिन मनाया गया। शिविरार्थियों के लिए यह अत्यंत भावनात्मक क्षण था, जब वैदिक मंत्रों, तिलक, आरती और आशीर्वाद के साथ उनका जन्मोत्सव मनाया गया।