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: गाडरवारा, कृषि उपज मंडी में मई दिवस मनाकर दी श्रद्धांजलि

Aditi News Team

Mon, May 1, 2023
कृषि उपज मंडी में मई दिवस मनाकर दी श्रद्धांजलि। गाडरवारा। 1मई 2023को जवाहर कृषि उपज मण्डी गाडरवारा में मजदूरों ने 133 वे मई दिवस का आयोजन कर 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में पुलिस की गोलियों से मारे गए मजदूरों एवं उनके 8 नेताओं को दी गई मौत की सजा के शहीदों को 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर एक सभा का आयोजन किया गया जिसे मजदूर यूनियन (सीटू )नेता एड एनएस पटेल ने संबोधित करते हुए कहा सारी दुनिया में 1 मई को मजदूर दिवस का आयोजन किया जाता है तथा 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में पुलिस की गोलियों से मारे गए मजदूरों एवं उनके नेताओं की शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है ।यह मई दिवस तीन जयंती ओं का प्रतीक है सबसे पहले 1846 के वे तारीख हैं जिन दिनों अमेरिका में श्रमिकों को 8 घंटे कार्य के दिवस निर्धारित किए जाने के लिए अभियान चलाया था और जब वह अभियान चरम सीमा तक पहुंचा तब शिकागो में मजदूरों पर प्रशासन ने गोलियां चलवाई। दूसरी जयंती 1889 की है जब द्वितीय इंटरनेशनल कि कांग्रेस ने यह फैसला किया कि हर वर्ष 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर एकता दिवस के रुप में मनाया जाए ।और तीसरी जयंती 1890 की है जब उक्त फैसले के अनुसरण में अनेक देशों में पहले पहले मई दिवस समारोह मनाए गए ।जुझारू श्रमिक परंपराओं ने श्रमिकों के आर्थिक सामाजिक राजनीतिक अधिकारों के लिए उनके संघर्ष ने हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है और आज भी वे निसंदेह इस संदर्भ में अपनी महान भूमिका अदा करते हैं। इतिहास में मजदूरों के इस संघर्ष को शिकागो( हेमार्किट )शहीद के रूप में जाना जाता है । मई 1886 के संघर्ष में पुलिस की गोलियों से लथपथ मजदूरों ने अपने खून से रंगी कमीजो को झंडे के रूप में लहराते हुए इस संघर्ष को आगे बढ़ाया उसी दिन से दुनिया के मजदूरों ने लाल झंडे को अपने संघर्ष का प्रतीक बना दिया। सभा को एड एन एस पटेल के अलावा मध्य प्रदेश किसान सभा के नेता जगदीश पटेल, राजेंद्र राजपूत, छोटू इटोरिया, अभिषेक,राजकुमार शर्मा ने भी संबोधित करते हुए सभी मेहनत कश मजदुर किसानो को एकजुट होकर मेहनत कश आवाम पर होने वाले शोषण दमन के खिलाफ एकजुट संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया । इस अवसर पर वरिष्ठ मजदूर एवं किसान नेता एड एन एस पटेल, किसान सभा अध्यक्ष जगदीश पटेल, राजेंद्र राजपूत, मजदूर नेता फिरोज, राहुल पटेल, जितेंद्र, देवेंद्र, प्रकाश, हीरालाल, रामकुमार, सतीश, छोटू इटेरिया, लेखराम,राकेश, शेखर, राजा, अभिषेक, हेमंत (खली), हरगोविंद, सन्तोष तिवारी,, प्रहलाद साहू, राजेंद्र शर्मा, रामदयाल, नवल, सौरव, अन्नू, सूरज, शंकर, विनोद, धनराज, हरिराम, बुद्धसिंह, दीपक डिप्पू, नरेश नेता देवीराम राकैश, छोटू हक्का प्रसाद के अलावा अन्य किसान मजदूर रहे।

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