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: नरसिंहपुर,2025 ग्रीष्मकालीन मूंग पर विशेष आलेख,WDRA वेयरहाउसिंग विकास और नियामक प्राधिकरण लाइसेंस बना परेशानी का कारण : किसानों की मूंग खरीदी हो रही बाधित

Aditi News Team

Sun, Jul 13, 2025
2025 ग्रीष्मकालीन मूंग पर विशेष आलेख,WDRA वेयरहाउसिंग विकास और नियामक प्राधिकरण लाइसेंस बना परेशानी का कारण : किसानों की मूंग खरीदी हो रही बाधित https://youtu.be/Wety0wQ8aDA?si=2xBQ3gFlcy6LjkBe नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन का कार्य कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लिखित आदेश के तहत 7 जुलाई 2025 से दस्तावेजो में प्रारंभ किया जा चुका है जिसमें किसानों से 12 कुंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सरकार द्वारा उपज खरीदी करना निर्धारित की गई है। जिसमें किसानों की मूंग फसल का समर्थन मूल्य इस उपार्जन वर्ष 8682 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया है वही उड़द फसल का समर्थन मूल्य 7400 रुपए प्रति क्विंटल निश्चित है। इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा कृषि विभाग की एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (NAFED) एवं सहकारिता विभाग की एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (NCCF) के माध्यम से मध्य प्रदेश में सहायक नोडल एजेंसी मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (MARKFED) को खरीदी की लगाम सोप गई है। जिसकी संपूर्ण देखरेख और जिम्मेदारी मुख्य एजेंसी के रूप में कृषि विभाग के हाथों में सौंप गई है। कैसे होता है जिले में मूंग खरीदी केन्द्रों और भंडारणो का निर्धारण :- किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम तैयार की जाती है जिसे उपार्जन समिति कहा जाता है। उपार्जन समिति में जिले के उप संचालक कृषि, उपायुक्त सहकारिता, प्रबंधक जिला सहकारी मर्यादित बैंक, जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन, जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (MARKFED) एवं अन्य अधिकारी रहते हैं जिनके द्वारा वेयरहाउस का चयन, समितियां का चयन एवं खरीदी की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित कराई जाती हैं। साथ ही समय-समय पर खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया जाता है। अनियमितता एवं शिकायतों पर जांच की जाती है एवं निष्कर्ष किए जाते हैं। कृषि विभाग के दायित्व :-जिला प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय मैरियट बैंक और उपयुक्त सहकारिता से समितियां का चयन करना साथ ही भंडारण के लिए जिला प्रबंधक मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के साथ शासन के नियम अनुसार भंडारण केंद्रो वेयरहाउस का चयन कर आवंटन करना। किसने की खरीदी से लेकर किसानों के भुगतान तक संपूर्ण जिम्मेदारी कृषि विभाग की होती है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (MARKFED) के दायित्व :- 1.सर्वेयर (गुणवत्ता निरीक्षकों)की नियुक्ति करना -शासन की उपार्जन नीति के अनुसार निर्धारित शिक्षा दक्षता एवं अनुभव के आधार पर निजी कंपनियों के द्वारा चयनित कर भेजे गए सर्वेयरों की शिक्षा एवं कार्यप्रणाली को पुनः अवलोकन कर जिले में बने खरीदी केंद्रों पर नियुक्त किया जाता है। 2. खरीदी केन्द्रों पर गनी बैग प्रदान करना - जिला जिला उपार्जन दल के द्वारा तैयार कराए गए उपार्जन केन्द्रों पर किसानों से उनकी उपज फसल की खरीदी कर भंडारण से पहले शासकीय गनी बैग में भरने के लिए 530 ग्राम के वारदाने पहुंचाए जाते हैं। नरसिंहपुर जिले में भी 7 जुलाई 2025 को जिला उपार्जन दल बैठक में सर्वसम्मति से 42 उपार्जन केंद्र एवं भंडारण केंद्र निर्धारित किए गए हैं। जिन केंद्रो पर किसानों ने अपने नजदीकी केंद्रो पर स्लॉट बुक कर अपनी मूंग की फसल बेचने केंद्रों पर पहुँच चुके,10 जुलाई 2025 से इंतजार कर रहे हैं परंतु अभी खरीदी सुचारू रूप से संचालित नहीं हुई है। किसानों मे अपनी फसल बेचने को लेकर इंतजार करना पड़ रहा हैं। और बरसात में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जहां एक तरफ किसानों ने खेत की सोयाबीन की फसल की बोनी की थी जो लगातार मूसलाधार बारिश के कारण नष्ट हो गई है वहीं मूंग खरीदी केन्द्रों पर बरसात में अपनी फसल लेकर खरीदी चालू होने का इंतजार कर रहा हैं। इनका कहना हैं   मोरिश नाथ (उप संचालक कृषि ) का कहना है कि केंद्रो के निर्धारण जिला प्रशासनिक स्तर पर 7 जुलाई 2025 को किया जा चुका था जिसके पश्चात 8 जुलाई 2025 को सरकार द्वारा प्राप्त निर्देशों में (WDRA) वेयरहाउसिंग विकास और नियामक प्राधिकरण लाइसेंस अनिवार्य किया गया है जिससे खरीदी बाधित हो रही है जिले में जिन वेयरहाउसों के संचालकों के पास (WDRA) लाइसेंस है उन पर खरीदी केंद्र स्थानांतरित कर आज 12 जुलाई 2025 को 14 उपार्जन केंद्र चालू कर दिए गए हैं। जिले में चल रही लगातार बारिश और किसानों की परेशानी को देखते हुए हमारे द्वारा उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है जिले में अन्य वेयरहाउस संचालकों के पास लाइसेंस न होने पर उन्हें रिहायत या शीतलता प्रदान करने की मांग की गई है जिससे की खरीदी को सोमवार से निरंतर संचालित किया जा सके। मनीष चौरसिया, जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (MARKFED) नरसिंहपुर का कहना है कि (WDRA) वेयरहाउसिंग विकास और नियामक प्राधिकरण लाइसेंस अनिवार्य किया गया है जिससे खरीदी बाधित हो रही है शीतलता की मांग की गई है सोमवार से खरीदी सुचारू रूप से संचालित हो जाएगी। समिति और वेयरहाउस चयन प्रक्रिया में कैसे होती है अनियमितताएं - जिले में होने वाले उपार्जन केन्द्रों के नियोजन में जिले में पदस्थ संपूर्ण विभागों के पदाधिकारी की तैयार उपार्जन समिति पर 1. सफ़ेद पोशाक नेताजी, छुटभैया नेताजी और उनके करीबी फोन करा कर स्वयं के खरीदी केंद्र और भंडारण केंद्र तैयार करना। 2. विभागीय अधिकारियों से जान पहचान, करीबियों और दलालों के माध्यम से लक्ष्मी पूजन कराकर खरीदी केंद्र एवं भंडारण केंद्र तैयार करना।

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