: नरसिंहपुर जिले में सड़े गले गंदगी युक्त बदबूदार गुड़ को रीसाइकिल कर बना रहे हानिकारक गुड़ बनाने वाली भट्टियों को तत्काल बंद करने एवं कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
नरसिंहपुर जिले में सड़े गले गंदगी युक्त बदबूदार गुड़ को रीसाइकिल कर बना रहे हानिकारक गुड़ बनाने वाली भट्टियों को तत्काल बंद करने एवं कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
वरिष्ठ पत्रकार एवं मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि प्रदेश प्रेस संयोजक जीसीसीआई भागीरथ तिवारी पशु एवं पर्यावरण प्रेमी अभय वानगात्रि, गीत गोविंद पटेल, अमित वर्मा, सुनील पटेल अंशुल नामदेव, संजय मेहरा ,गोविंद चौरसिया ,रामकुमार विश्वकर्मा भूपेंद्र कौरव ,चन्द्रशेखर मालवीय आदि पत्रकारों ने विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर आग्रह किया है कि जिले में विभिन्न गुड़ भट्टियों मे सड़े गले गंदगी युक्त बदबूदार गुड़ को रीसाइकिल कर बना रहे हानिकारक गुड़ निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए एवं एसी गुड़ भट्टियों को तत्काल बंद की जाए. ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग, राजस्व विभाग, और पुलिस कार्यवाही कर सकते हैं। गुड़ भट्टी पर जांच के दौरान, निम्नलिखित अधिकारी कार्यवाही कर सकते हैं:
खाद्य सुरक्षा विभाग:
यह विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। वे गुड़ भट्टी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, उत्पादन प्रक्रिया और अंतिम उत्पाद की जांच कर सकते हैं। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वे संबंधित धाराओं के तहत कार्यवाही कर सकते हैं, जैसे कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्यवाही. राजस्व विभाग विशेष रूप से वाणिज्य कर विभाग, गुड़ भट्टी के संचालन से संबंधित करों और शुल्कों की वसूली के लिए जिम्मेदार है। वे गुड़ भट्टी के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और परमिट की जांच कर सकते हैं। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वे जुर्माना लगा सकते हैं या कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।
पुलिस विभाग कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए जिम्मेदार है। यदि गुड़ भट्टी में कोई गैरकानूनी गतिविधि जैसे कि मिलावट, नकली गुड़ का उत्पादन, या अन्य अपराध होते हैं, तो पुलिस कार्यवाही कर सकती है।
इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन, जैसे कि नगर पालिका या पंचायत, भी गुड़ भट्टी के संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों को लागू करने में भूमिका निभा सकते हैं।
यदि गुड़ भट्टी में मिलावट पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा विभाग कार्यवाही कर सकता है।
यदि गुड़ भट्टी बिना उचित लाइसेंस के संचालित हो रही है, तो राजस्व विभाग कार्यवाही कर सकता है।
यदि गुड़ भट्टी में कोई विवाद या अपराध होता है, तो पुलिस कार्यवाही कर सकती है।
संक्षेप में, गुड़ भट्टी पर जांच के दौरान, खाद्य सुरक्षा विभाग, राजस्व विभाग, और पुलिस विभिन्न पहलुओं पर कार्यवाही कर सकते हैं, जैसे कि गुणवत्ता, कर, और कानून व्यवस्था।
वरिष्ठ पत्रकार एवं मानद पशु कल्याण प्रतिनिधि प्रदेश प्रेस संयोजक जीसीसीआई भागीरथ तिवारी पशु एवं पर्यावरण प्रेमी अभय वानगात्रि, गीत गोविंद पटेल, अमित वर्मा, सुनील पटेल अंशुल नामदेव, संजय मेहरा ,गोविंद चौरसिया ,रामकुमार विश्वकर्मा भूपेंद्र कौरव ,चन्द्रशेखर मालवीय आदि पत्रकारों ने विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर आग्रह किया है कि जिले में विभिन्न गुड़ भट्टियों मे सड़े गले गंदगी युक्त बदबूदार गुड़ को रीसाइकिल कर बना रहे हानिकारक गुड़ निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए एवं एसी गुड़ भट्टियों को तत्काल बंद की जाए. ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग, राजस्व विभाग, और पुलिस कार्यवाही कर सकते हैं। गुड़ भट्टी पर जांच के दौरान, निम्नलिखित अधिकारी कार्यवाही कर सकते हैं:
खाद्य सुरक्षा विभाग:
यह विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। वे गुड़ भट्टी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, उत्पादन प्रक्रिया और अंतिम उत्पाद की जांच कर सकते हैं। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वे संबंधित धाराओं के तहत कार्यवाही कर सकते हैं, जैसे कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्यवाही. राजस्व विभाग विशेष रूप से वाणिज्य कर विभाग, गुड़ भट्टी के संचालन से संबंधित करों और शुल्कों की वसूली के लिए जिम्मेदार है। वे गुड़ भट्टी के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और परमिट की जांच कर सकते हैं। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो वे जुर्माना लगा सकते हैं या कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।
पुलिस विभाग कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए जिम्मेदार है। यदि गुड़ भट्टी में कोई गैरकानूनी गतिविधि जैसे कि मिलावट, नकली गुड़ का उत्पादन, या अन्य अपराध होते हैं, तो पुलिस कार्यवाही कर सकती है।
इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन, जैसे कि नगर पालिका या पंचायत, भी गुड़ भट्टी के संचालन से संबंधित नियमों और विनियमों को लागू करने में भूमिका निभा सकते हैं।
यदि गुड़ भट्टी में मिलावट पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा विभाग कार्यवाही कर सकता है।
यदि गुड़ भट्टी बिना उचित लाइसेंस के संचालित हो रही है, तो राजस्व विभाग कार्यवाही कर सकता है।
यदि गुड़ भट्टी में कोई विवाद या अपराध होता है, तो पुलिस कार्यवाही कर सकती है।
संक्षेप में, गुड़ भट्टी पर जांच के दौरान, खाद्य सुरक्षा विभाग, राजस्व विभाग, और पुलिस विभिन्न पहलुओं पर कार्यवाही कर सकते हैं, जैसे कि गुणवत्ता, कर, और कानून व्यवस्था।Tags :