: श्री राम हर्षण कुन्ज में मनाया जानकी प्रकटोत्सव भई प्रकट कुमारी भूमि विदारी जनहित कारी भयहारी से गुन्जायमन परिसर
जितेन्द्र दुबे शाहनगर, पन्ना
श्री राम हर्षण कुन्ज में मनाया जानकी प्रकटोत्सव
भई प्रकट कुमारी भूमि विदारी जनहित कारी भयहारी से गुन्जायमन परिसर
शाहनगर ।भगवान श्रीराम की प्राणवल्लभा विदेह नंदनीअखिल ब्रह्मांड का सृजन, पालन और संहार करने वाली श्री जानकी जी का प्राकट्य उतसव बङे ही धुम - धाम के साथ मनाया गया । जानकी नवमीं के पावन अवसर पर शुक्रवार को नगर के श्री राम हर्षण कुन्ज श्री बिहारी बिहारणी जु सरकार मंन्दिर में ठीक 12 बजे शंख घंटी- घड़ियाल की करतल ध्वनी से गुन्जायमान वातावरण मे भई प्रकट कुमारी भूमि विदारी जनहित कारी भयहारी आरती के साथ ही माता जानकी जी का जन्म हुआ। मंन्दिर के महंत तुलसीदास जी महराज ने पुरे विधि विधान से दिव्य आरती फिर फूलों की आरती उतारी ततपश्चात उपस्थित संकीर्तन मंङली ने बधाई गीत सौहर गीत एवं मंगलगीतों का मनोहारी मे प्रस्तुतिकरण किया इस अवसर पर बतासे , रंग गुलाल इत्र टाफी एवं बच्चों के खिलोने बरसाये गये । जहां नवयुतियां थिरकतीं नजर आईं ।मंन्दिर परिसर को बङे ही सुसज्जित तरीक से फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। जिसकी छटा अनुपम थी मंन्दिर मे बिराजे श्री बिहारी बिहारणी जु सरकार की छवि अत्यंत लुभावनी एवं आकर्षक लग रही मानो साक्षात जानकी जी का आज बसुन्धरा से प्रकट हों सिहासन रूढ हैं । इस शुभ अवसर पर मंन्दिर के महंत श्री 1008 श्री तुलसीदास जी महराज ने सभी समुदाय को संबोधित करते हुये बताया की माता सीता को धन- ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इनकी कृपा से जीवन में सुख की कमी नहीं होती. श्री सीताय नम: मंत्र के 108 जाप से घर में सुख, समृद्धि और शांती बनी रहती है महिलाओं को चाहिये की घर मे रोज यह जाप करें ।जब तक सृष्टि है, प्रकृति है, स्त्री शक्ति है, सीता माता जी का अस्तित्व है। तत्पश्चात मंन्दिर प्रबंधन द्वारा सभी को भंङारे का प्रसाद ग्रहण कराया गया ।
शाहनगर ।भगवान श्रीराम की प्राणवल्लभा विदेह नंदनीअखिल ब्रह्मांड का सृजन, पालन और संहार करने वाली श्री जानकी जी का प्राकट्य उतसव बङे ही धुम - धाम के साथ मनाया गया । जानकी नवमीं के पावन अवसर पर शुक्रवार को नगर के श्री राम हर्षण कुन्ज श्री बिहारी बिहारणी जु सरकार मंन्दिर में ठीक 12 बजे शंख घंटी- घड़ियाल की करतल ध्वनी से गुन्जायमान वातावरण मे भई प्रकट कुमारी भूमि विदारी जनहित कारी भयहारी आरती के साथ ही माता जानकी जी का जन्म हुआ। मंन्दिर के महंत तुलसीदास जी महराज ने पुरे विधि विधान से दिव्य आरती फिर फूलों की आरती उतारी ततपश्चात उपस्थित संकीर्तन मंङली ने बधाई गीत सौहर गीत एवं मंगलगीतों का मनोहारी मे प्रस्तुतिकरण किया इस अवसर पर बतासे , रंग गुलाल इत्र टाफी एवं बच्चों के खिलोने बरसाये गये । जहां नवयुतियां थिरकतीं नजर आईं ।मंन्दिर परिसर को बङे ही सुसज्जित तरीक से फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। जिसकी छटा अनुपम थी मंन्दिर मे बिराजे श्री बिहारी बिहारणी जु सरकार की छवि अत्यंत लुभावनी एवं आकर्षक लग रही मानो साक्षात जानकी जी का आज बसुन्धरा से प्रकट हों सिहासन रूढ हैं । इस शुभ अवसर पर मंन्दिर के महंत श्री 1008 श्री तुलसीदास जी महराज ने सभी समुदाय को संबोधित करते हुये बताया की माता सीता को धन- ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, इनकी कृपा से जीवन में सुख की कमी नहीं होती. श्री सीताय नम: मंत्र के 108 जाप से घर में सुख, समृद्धि और शांती बनी रहती है महिलाओं को चाहिये की घर मे रोज यह जाप करें ।जब तक सृष्टि है, प्रकृति है, स्त्री शक्ति है, सीता माता जी का अस्तित्व है। तत्पश्चात मंन्दिर प्रबंधन द्वारा सभी को भंङारे का प्रसाद ग्रहण कराया गया ।Tags :