नरसिंहपुर पति की हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार : तीसरा पति बना रास्ते का रोड़ा, चौथा विवाह करने की नीयत से पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या,
Aditi News Team
Fri, Jul 3, 2026
अंधी हत्या का चंद घंटो में नरसिंहपुर पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
• पत्नी ने प्रेमी एवं उसके साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
• तीसरा पति बना रास्ते का रोड़ा, चौथा विवाह करने की नीयत से पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या।
• झाड़ियों में मिला था अज्ञात व्यक्ति का शव।
• पति की हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार।
दिनांक 30.06.2026 को सूचना प्राप्त हुई कि वारूरेवा नदी पुल के पास एनएच-44 से कुछ दूरी पर झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव पड़ा हुआ है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई तथा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। इसके उपरांत शव को पोस्टमार्टम एवं पहचान की कार्रवाई हेतु जिला चिकित्सालय, नरसिंहपुर की मॉर्चुरी भेजा गया।
अज्ञात शव की पहचान नरसिंहपुर निवासी तुलसीराम मेहरा के रूप में हुई: दिनांक 01.07.2026 को डोरीलाल मेहरा द्वारा जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर की मॉर्चुरी में शव की पहचान अपने पुत्र तुलसीराम मेहरा के रूप में की गई। पहचान स्थापित होने के उपरांत पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना को गति देते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच प्रारंभ की गई।
अंधी हत्या के खुलासे हेतु गठित की गई विशेष टीम: प्रकरण अंधी हत्या का होने के कारण पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम को वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच से खुला हत्या का राज: मृतक के परिजनों एवं संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटना स्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक तुलसीराम मेहरा एवं उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच पारिवारिक एवं चरित्र संबंधी शंका को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण: जांच में यह भी सामने आया कि सरोज मेहरा पूर्व में दो विवाह कर चुकी थी तथा लगभग एक वर्ष पूर्व उसने मृतक तुलसीराम मेहरा से विवाह किया था। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं पूछताछ से पता चला कि सरोज मेहरा के महेन्द्र मेहरा, निवासी पुरगवां के साथ अवैध संबंध थे। मृतक को इस संबंध की जानकारी होने के कारण पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद एवं मनमुटाव बना रहता था।
पूछताछ में पत्नी ने कबूला हत्या का षड्यंत्र: उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सरोज मेहरा से गहन पूछताछ की गई। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के समक्ष उसने महेन्द्र मेहरा के साथ अपने संबंध स्वीकार करते हुए उसके साथ मिलकर पति तुलसीराम मेहरा की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की।
शराब पिलाने के बहाने ले जाकर की हत्या :पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि योजना के अनुसार विष्णू रजक मृतक तुलसीराम को शराब पीने के बहाने वारूरेवा नदी पुल के पास ले गया। कुछ देर बाद महेन्द्र मेहरा भी वहां पहुंचा, जहां दोनों ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को झाड़ियों में फेंककर तीनों मौके से फरार हो गए।
तीनों आरोपी गिरफ्तार : हत्या का खुलासा होते ही पुलिस टीम ने सरोज मेहरा, महेन्द्र मेहरा एवं विष्णू रजक को अभिरक्षा में लेकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा प्रकरण में अन्य साक्ष्यों की बरामदगी एवं विवेचना जारी है।
कार्यवाही में मुख्य भूमिका: अंधी हत्या के खुलाशे में निरीक्षक गौरव चाटे, उप निरीक्षक आशीष बोपचे, उप निरीक्षक मूलचंद यादव, प्रधान आरक्षक कलावती, शैलेंद्र तिवारी, आरक्षक प्रहलाद, जितेंद्र ठाकुर, राजेश बागरी, रोहित चांदपुरिया, महेंद्र ठाकुर, यमन बागरी, महिला आरक्षक पूजा, कुमुद पाठक, संतकुमारी, एवं शुभम मालवीय नगर रक्षा समिति की मुख्य भूमिका रही है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना