Sunday 13th of September 2026

ब्रेकिंग

जीवन की यात्रा में मंजिल नहीं, दृष्टि तय करती है दिशा"

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह की पहल से डाइट नरसिंहपुर में बनेगा साइंस प्ले पार्क

सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में बच्चों ने मटकी फोड़ एवं कृष्ण-सुदामा मिलन नाटिका से बांधा समां,कलेक्टर ने वितरित किए उपहार

"माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" के तहत जनप्रतिनिधियों व कलेक्टर ने जिलेवासियों से पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने का किया

सतीश नाईक(प्राचार्य) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह से भेंट की

: गाडरवारा,सिविल हॉस्पिटल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

Aditi News Team

Thu, Nov 21, 2024
सिविल हॉस्पिटल गाडरवारा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन गाडरवारा ।तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में सिविल हॉस्पिटल, तहसील गाडरवारा में न्यायाधीश श्री सूरज सिंह राठौड, चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गाडरवारा की उपस्थिति में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीडन (रोकथाम निवारण प्रतिषेध) अधिनियम 2013 विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा द्वारा किया गया । विधिक साक्षरता शिविर में श्री सूरज सिंह राठौड, चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गाडरवारा द्वारा हॉस्पिटल में कार्यरत महिलाओं को जानकारी देते हुये बताया कि सन् 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन अधिनियम को पारित किया गया था । जिन संस्थाओं में दस से अधिक लोग काम करते है, उन पर यह अधिनियम लागू होता है। जैसा कि इसका नाम ही इसके उददेश्य रोकथाम, निषेध और निवारण को स्पष्ट करता है और उल्लंघन के मामले में, पीडित को निवारण प्रदान करने के लिये भी ये कार्य करता है ।यह कानून क्या करता है जिसमें माननीय महोदय द्वारा बताया गया कि 1. यह कानून कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन को अवैध करार देता है, 2. यह कानून यौन उत्पीडन के विभिन्न प्रकारों को चिन्हित करता है, और यह बताता है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की स्थिति में शिकायत किस प्रकार की जा सकती है, 3. यह कानून हर उस महिला के लिये बना है जिसका किसी भी कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन हुआ है, 4. कार्यस्थल कोई भी कार्यालय / दफतर हो सकता है, चाहे वह निजी संस्थान हो या सरकारी। इसके साथ ही यह भी बताया कि महिला को यौन उत्पीडन की शिकायत लिखित रूप में आंतरिक शिकायत समिति को किया जाना चाहिये। इसके अतिरिक्त सभी उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं को घरेलु हिंसा से संबंधित मानसिक हिंसा, भावनात्मक हिंसा, एवं आर्थिक हिंसा पर प्रकाश डालते हुये विस्तार से समझाया गया । उक्त शिविर हॉस्पिटल से श्री डी०पी० पंथी बी०एम०ओ०, श्रीमति डॉ० बबीता सिंह, डॉ० श्रीमति विनीत जैन, डॉ० श्रीमति शिप्रा कौरव, डॉ० कुमारी संचिता राय, एवं सभी नर्सिंग ऑफीसर, एवं आशा कार्यकर्ता एवं श्रीमति शिखा सोनी, पी०एल०व्ही० श्री शेख रहीम की उपस्थिति रही एवं सहयोग प्रदान किया गया।

Tags :

जरूरी खबरें