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: मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

Aditi News Team

Mon, Feb 3, 2025
मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नरसिंहपुर।जिला दंडाधिकारी श्रीमती शीतला पटले ने स्कूल/ कॉलेज की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तेज गति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को प्रतिबंधित किया है। जिला दंडाधिकारी ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 के तहत जिले की राजस्व सीमाओं के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 31 जनवरी 2025 से प्रभावशील किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।   जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों जैसे लाउड स्पीकर, डेक, डीजे, बैंड- बाजा एवं अन्य का उपयोग किसी भी निजी/ सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं करेगा। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।   जिला दंडाधिकारी द्वारा जिले के समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारियों को संबंधित अनुविभाग के अंतर्गत अत्यंत आवश्यक होने पर ही प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के 1/4 वॉल्यूम में (ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि 10 डेसीबल से अनाधिक पर) उपयोग की अनुमति देने के लिए विहित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। यह अनुमति उपरोक्तानुसार एवं मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 7 के उपबंधों को दृष्टिगत रखते हुए जारी की जावेगी।   अधिनियम की धारा 16 (1) के अंतर्गत हेड कांस्टेबल की पदश्रेणी से अनिम्न पदश्रेणी का कोई भी पुलिस अधिकारी, ऐसे ध्वनि विस्तारक को, जिसका उपयोग इस आदेश का उल्लंघन करते हुए किया गया हो, अभिग्रहीत कर कार्यवाही कर सकेगा।   इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।   उल्लेखनीय है कि वर्तमान में स्कूल/ कॉलेज की परीक्षायें निकट हैं एवं तेज गति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से छात्र- छात्राओं की परीक्षा की तैयारी में विघ्न उत्पन्न होता है, जिससे वे परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं कर पाते हैं। इस कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी ने उक्त आदेश जारी किया है।

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