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: कोठिया घाट पर 27 कुंडीय श्रीराम मानस यज्ञ का हुआ समापन  भगवान राम के चरित्र को आदर्श बनाकर जीवन मे उतारें-- साध्वी दोपेश्वरी रामायणी  हम जियें तो राम के लिए-- बृजमोहन शास्त्री 

Aditi News Team

Sun, Feb 25, 2024
कोठिया घाट पर 27 कुंडीय श्रीराम मानस यज्ञ का हुआ समापन भगवान राम के चरित्र को आदर्श बनाकर जीवन मे उतारें-- साध्वी दोपेश्वरी रामायणी हम जियें तो राम के लिए-- बृजमोहन शास्त्री गाडरवारा। क्षेत्र के चांवरपाठा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोठिया के 27 कुंडीय श्री राम मानस यज्ञ एवं प्रवचन कार्यक्रमो का विधिवत समापन विशाल भंडारे के आयोजन के साथ हो गया। वामन गुफा पर हो रहे इस आयोजन में बड़े ही आनंद की वर्षा हुई । विदित हो कि श्री ब्रह्मदेव आश्रम पर कथा और यज्ञ पिछले 26 वर्षो से हो रहे हैँ। जहाँ पर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा यज्ञ करवाया जाता है। सतसंग में भी बड़ा आनंद आता है। यज्ञ के अंतिम दिन रामकथा में भगवान श्री राम द्वारा चित्रकूट पर निवास करते हुए वहां के निवासियों से जो प्रेम व स्नेह किया उसका वर्णन करते हुए कथा वाचक बृजमोहन शास्त्री ब्रजेश रामायणी जी ने भगवान के निवास के 14 स्थानों का जिक्र किया । उन्होंने राम वियोग में महाराज दशरथ जी के प्राण उत्सर्ग करने पर कहा कि हम जियें तो राम के लिए और मरें तो राम के लिए। उन्होंने राम नाम बिनु गिरा न सोहा चौपाई के माध्यम से राम की भक्ति का वर्णन सुनाया। प्रवचन कार्यक्रम में साध्वी दीपेश्वरी रामायणी ने सीता हरण एवं भगवान राम के द्वारा उनका पता लगाने के लिए शवरी के आश्रम तक जाना गिद्ध राज जटायु का प्राण त्यागना आदि कथाओं के माध्यम से श्रोताओं को रामभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। इस अवसर पर आश्रम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक महाराज श्री श्री 108 श्री जगदेव दास जी भी आनंदित हुए तथा अपने शिष्यों को कृतार्थ करते नजर आये। उन्होंने लोगों के दान को सही स्थान पर लगाने की प्रेरणा देते हुए अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की। यज्ञ के अंतिम अनेक क्षेत्रीय धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ लिया

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