: नरसिंहपुर जिले के प्रमुख समाचार, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदन फॉर्म भरने में कोई लापरवाही नहीं हो,कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक
Aditi News Team
Tue, Mar 28, 2023
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदन फॉर्म भरने में कोई लापरवाही नहीं हो,कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक
नरसिंहपुर।कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। बैठक में सुश्री बाफना ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। जिले में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से संबंधित फार्म भरने के लिए शिविर 25 मार्च से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के वार्डों में आयोजित किये जा रहे हैं। उक्त कार्य में सीएमओ सालीचौका, सांईखेड़ा एवं तेंदूखेड़ा द्वारा अपेक्षित कार्य नहीं करने पर उनका दो दिवस का वेतन काटने के निर्देश बैठक में दिये।
बैठक में उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों एवं जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण किया जाये, जिससे पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाये। इसमें जन अभियान परिषद एवं स्वसहायता समूहों की महिलाओं का भी सहयोग लें। आवेदन भरे जाने के कार्य की मॉनीटरिंग सभी सीएमओ एवं सीईओ जनपद करेंगे। ग्राम पंचायतों एवं वार्डों में कैम्प लगाये जा रहे हैं, इसमें कॉमन सर्विस सेंटर के प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान तक लगभग 5 हजार से अधिक आवेदन फार्म भरे जा चुके हैं।
बैठक में उन्होंने जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की विकासखंडवार समीक्षा की। सब इंजीनियर सांईखेड़ा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं एसडीओ सांईखेड़ा द्वारा सीएम हेल्पलाइन में निराकरण दर्ज नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश बैठक में दिये। कलेक्टर सुश्री बाफना ने कहा कि जिले में प्रगतिरत इन कार्यों की समीक्षा जिला पंचायत सीईओ हर सप्ताह करे।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की विभागवार समीक्षा के दौरान जिले में जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना में पात्र हितग्राही को समय पर भुगतान नहीं किये जाने पर संबंधित बीएमओ को चेतावनी पत्र जारी करने एवं लेखापाल का वेतन आहरित नहीं करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। समीक्षा में पाया गया कि नगरीय निकाय द्वारा कर वसूलने में नगर पालिका परिषद नरसिंहपुर, गाडरवारा एवं चीचली द्वारा बेहतर कार्य किया गया है। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देशित किया है कि यह सुनिश्चित किया जाये कि मुख्य सड़क मार्गों पर दुकानें बाहर निकालकर नहीं लगाई जायें। मार्गों पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिये। प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी एवं ग्रामीण में साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की। भू- धारणाधिकार योजना के तहत प्रकरण पूर्ण कराये जायें।
संबल 2.0 में प्राप्त अनुग्रह सहायता राशि के आवेदनों का निराकरण शतप्रतिशत किया जाये। स्वसहायता समूहों द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के लिए गणवेश सिलने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 14 हजार गणवेशों की सिलाई कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने निर्देशित किया कि गणवेश की सिलाई गुणवत्तापूर्ण हो।
बैठक में श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम से संबंधित जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कारखानों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में बाल श्रम संबंधी कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन नहीं होना चाहिये। यदि इनका उल्लंघन हो, तो टोल फ्री नम्बर 1098 पर सूचना दी जा सकती है। समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के चयनित विषयों, लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों, सुगर मिलों द्वारा गन्ना किसानों को भुगतान एवं डग पॉण्ड व नहरों की साफ- सफाई के बारे में कलेक्टर ने जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिये।
अभियान चलाकर बाल श्रम रोकने के निर्देश
जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर। जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने बाल एवं कुमार प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 संशोधित 2017 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले में अभियान चलाकर बाल श्रम को रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन एवं उसके आसपास बाल श्रम व भिक्षावृत्ति रोकने, गाड़ी सुधारने वाले मैकेनिकों की दुकानों में, ढाबों एवं छोटी दुकानों में काम करने वाले बाल मजदूरों की पहचान के लिए अभियान चलायें और बाल श्रम को रोकें।
बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, श्रम विभाग के नोडल अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, मप्र जन अभियान परिषद के अधिकारी और अन्य सदस्य मौजूद थे।
बंधक श्रम उन्मूलन संबंधी जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर।जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने बंधक श्रम उन्मूलन अधिनियम 1976 के अंतर्गत बंधक श्रमिकों की पहचान, विमुक्ति एवं पुनर्वास के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि नवीन केन्द्रीय बंधक श्रम पुनर्वास योजना 2021 के अंतर्गत बंधक श्रम पाये जाने पर वयस्क पुरूष हितग्राही को एक लाख रुपये, अनाथ बच्चों जैसी स्पेशल कैटेगरी के हितग्राही को दो लाख रुपये और ऐसे बंधक श्रमिक जिनका शारीरिक शोषण अथवा मानव तस्करी की जाती है, तो उन्हें तीन लाख रुपये की पुनर्वास सहायता मुहैया कराने का प्रावधान है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण, लीड बैंक अधिकारी, श्रम विभाग के नोडल अधिकारी, अनुसूचित जाति, जनजाति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।
जिले में समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर की खरीदी के लिए बने 24 उपार्जन केन्द्र
25 मार्च से 31 मई तक होगी खरीदी
नरसिंहपुर। राज्य शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत रबी विपणन वर्ष 2023- 24 में चना एवं मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य 25 मार्च से 31 मई तक किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने जिले में चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए 24 उपार्जन केन्द्र निर्धारित किये हैं।
इस सिलसिले में तहसील नरसिंहपुर में नरसिंह फार्मर क्रॉप प्रोड्यूसर कम्पनी नरसिंहपुर के अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाऊस सीडब्ल्यूसी नरसिंहपुर, सेवा सहकारी समिति उमरिया नरसिंहपुर के अंतर्गत अंश वेयर हाऊस तिंदनी, सेवा सहकारी समिति करहैया के अंतर्गत न्यू मंडी गोदाम नरसिंहपुर, सेवा सहकारी समिति डांगीढाना के अंतर्गत पटैल वेयर हाऊस मगरधा, सेवा सहकारी समिति कोसमखेड़ा के अंतर्गत चौकसे वेयर हाऊस सिंहपुर, तहसील करेली में सेवा सहकारी समिति करताज के अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाऊस सीडब्ल्यूसी कठौतिया, सेवा सहकारी समिति हिरनपुर के अंतर्गत नायक वेयर हाऊस लिंगा- बरमान, सेवा सहकारी समिति ढिलवार के अंतर्गत श्री मां वेयर हाऊस लोलरी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सिल्हैटी के अंतर्गत राधाकृष्ण वेयर हाऊस करेली बस्ती और तहसील तेंदूखेड़ा में सेवा सहकारी समिति सर्रा- तेंदूखेड़ा के अंतर्गत अमरतास एंड कंपनी रम्पुरा, सेवा सहकारी समिति बिलेहरा के अंतर्गत हरसिद्धी वेयर हाऊस बिलेहरा को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है।
इसी तरह तहसील गोटेगांव में सेवा सहकारी समिति मेख के अंतर्गत श्री शक्ति वेयर हाऊस गुंदरई, सेवा सहकारी समिति बढ़ैयाखेड़ा के अंतर्गत बुद्धेश्वर एग्रो लॉ.जि. वेयर हाऊस बढ़ैयाखेड़ा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति श्रीनगर के अंतर्गत हुकुमचंद वेयर हाऊस श्रीनगर, सेवा सहकारी समिति उमरिया- गोटेगांव के अंतर्गत अन्नपूर्णा वेयर हाऊस श्रीनगर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित सर्रा- गोटेगांव के अंतर्गत जयश्री वेयर हाऊस लाठगांव, सेवा सहकारी समिति सालीवाड़ा के अंतर्गत शिवशक्ति वेयर हाऊस पिंडरई, सेवा सहकारी समिति जमुनिया के अंतर्गत पारस वेयर हाऊस गर्रा- गोटेगांव, तहसील गाडरवारा में सेवा सहकारी समिति बोहानी के अंतर्गत श्री रघुवंशी वेयर हाऊस कौंड़िया, सेवा सहकारी समिति सूरना के अंतर्गत गुरूकृपा वेयर हाऊस बटेसरा, विप. एवं प्रक्रिया सह. समिति मर्यादित गाडरवारा के अंतर्गत स्वामी वेयर हाऊस गाडरवारा, सेवा सहकारी समिति महगुवांखुर्द के अंतर्गत रामानुज वेयर हाऊस गाडरवारा, विप. एवं प्रक्रिया सहकारी समिति मर्या. खुलरी के अंतर्गत अनाया वेयर हाऊस चिर्रिया और तहसील सांईखेड़ा के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति रम्पुरा के अंतर्गत आयरा वेयर हाऊस देतपोन को उपार्जन केन्द्र बनाया गया है।
इस सिलसिले में कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने निर्देशित किया है कि चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन शासन द्वारा निर्धारित एफएक्यू गुणवत्ता का ही किया जाये। निम्न गुणवत्ता का उपार्जन नहीं हो। यदि किसी केन्द्र पर अमानक/ निम्न गुणवत्ता का उपार्जित स्कंध पाया जाता है, तो संस्था प्रबंधक/ केन्द्र प्रभारी/ गुणवत्ता सर्वेयर पूर्णत: उत्तरदायी होंगे। जिले में बारदाना 15 प्रतिशत बफर सहित साख सीमा, परिवहन, भंडारण, निस्तारण एवं पर्यवेक्षण आदि की व्यवस्था के लिए जिले की उपार्जन एजेंसी मार्कफेड उत्तरदायी होगी। उपार्जन का कार्य सप्ताह में 5 दिन सोमवार से शुक्रवार प्रात: 8 बजे से सायं 8 बजे तक किया जायेगा और किसान तौल पर्ची शाम 6 बजे तक जारी की जायेगी। सभी उपार्जन केन्द्रों पर ऑपरेटर/ गुणवत्ता सर्वेयर और कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं कृषकों की सुविधा हेतु बैठने व पर्याप्त छायादार स्थान, स्वच्छ पेयजल, पार्किंग व्यवस्था, बैनर, एसएमएस/ सूचना पर आमंत्रित किये गये कृषकों की मात्रा के अनुसार पर्याप्त तौल कांटे, हम्मालों, बारदानों आदि की पूर्ण व्यवस्था पूर्व से ही सुनिश्चित की जाये। किसानों को उपज का भुगतान जेआईटी के माध्यम से सीधे संबंधित किसान के बैंक खाते में किया जाना है। इसके लिए किसान पंजीयन में राष्ट्रीयकृत एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखाओं के एकल खाते ही दर्ज किये जायें। जनधन, ऋण, नाबालिग, बंद तथा अस्थायी रूप से रोके गये खाते, जो विगत 6 माह से क्रियाशील नहीं हो आदि पंजीयन में दर्ज नहीं किये जायेंगे। इसका व्यापक प्रचार- प्रसार भी किया जाये। शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण कृषक कल्याणकारी योजना के अंतर्गत कृषक उपार्जन का कार्य शासन की निर्धारित नीति व निर्देशों के अनुरूप ही किया जाये। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं अनियमितता पाये जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।
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