: संयुक्त किसान मोर्चा की प्रदेश स्तरीय बैठक भोपाल में शाकिर भवन मे सम्पन्न
Fri, Nov 11, 2022
नरपुर जिले से जगदीश पटेल हुए शामिल।
संयुक्त किसान मोर्चा की प्रदेश स्तरीय बैठक भोपाल में शाकिर भवन मे आज 10नवंबर को रखी गई जिसमें नरसिंह पुर जिले से संयुक्तकिसान मोर्चा एसकेएम की ओर से मध्यप्रदेश किसान सभा के जगदीश पटेल ने हिस्सेदारी की। एवं जिले की ओर से प्रदर्शन में हजारों की संख्या में पहुंचने की बात रखी।संयुक्त किसान मोर्चे के देशव्यापी आह्वान पर 26 नवम्बर किसान करेंगे राजभवन पर प्रदर्शनसंयुक्त किसान मोर्चे के देशव्यापी आव्हान के तहत मध्यप्रदेश के किसान भी 26 नवम्बर को मप्र के राजभवन पर प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन के पहले किसान भोपाल के हृदय स्थल यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में इकट्ठा होंगे और वहां से जलूस बनाकर राजभवन जाएंगे। इस प्रदर्शन की तैयारी पर चर्चा करने के लिए आज संयुक्त किसान मोर्चे के मध्यप्रदेश के घटक संगठनों की एक बैठक एआईकेएस (अजय भवन) के कार्यालय शाकिर सदन में हुयी और इस प्रदर्शन को सफल बनाने की निर्णय लिया गया।इस प्रदर्शन के साथ संयुक्त किसान मोर्चे की देश तथा प्रदेश स्तरीय मांगों के साथ अलग अलग जिलों के किसानो के प्रमुख मुद्दों से जुड़े ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।एआईकेएस (अजय भवन) के नेता प्रहलाद बैरागी की अध्यक्षता में हुयी इस बैठक में किसान संघर्ष समिति के डॉ सुनीलम, मप्र किसान सभा के अध्यक्ष बादल सरोज, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, एआईकेकेएमएस के मनीष श्रीवास्तव, किसान जाग्रति संगठन के इरफान जाफरी, जागृत आदिवासी दलित संगठन की माधुरी कृष्णास्वामी, मप्र आदिवासी एकता महासभा के बुध्दसेन सिंह गोंड, लालता प्रसाद कोल के अलावा मप्र किसान सभा के अशोक तिवारी, रामनारायण कुररिया, प्रेमनारायण माहोर, अरुण चौहान, सुरेंद्र जैन, एआईकेएस (अजय भवन) के जनक राठौर, भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के संदीप ठाकुर, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राजमणि प्रसाद मिश्रा, गुरुप्रसाद कोल, ओबीसी महासभा के एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया, लोकेन्द्र गुर्जर, बीकेयू (टिकैत) के सुभाष मल्होत्रा उपस्थित थे। एकजुटता के रूप में एटक के राज्य महासचिव एस एस मौर्या तथा सीटू के वरिष्ठ नेता गिरिजेश सिंह सेंगर भी शामिल हुए ।
: भोपाल केवाईसी बैंक खाता आधार से लिंक करने की अपील
Thu, Nov 10, 2022
भोपाल केवाईसी बैंक खाता आधार से लिंक करने की अपील प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ प्राप्त कर रहे जिले के कृषक अपना ई-केवाइसी एवं बैंक खाता आधार से लिंक करवाएं अन्यथा आगामी किश्त खाते में आने पर समस्या आयेंगी।अधीक्षक भू-अभिलेख भोपाल श्रीमती वंशिका इंग्ले ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त कर रहे सभी किसानों को अपना ई-केवाइसी और आधार नंबर बैंक खाता से लिंक अनिवार्य है। लिंक नहीं होने की दशा में दोनों योजनाओं की किश्तों का भुगतान किसानों को नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि भोपाल जिले में कुल 70 हजार किसान भाई हैं। इनमें से बैरसिया के 7 हजार 533, हुजूर तहसील के 3 हजार 275 एवं कोलार तहसील में 342 कुल 11 हजार 150 ऐसे किसान हैं। जिन्होंने अपना बैंक खाता आधार से लिंक नहीं कराया है एवं 8 हजार 562 ऐसे शेष किसान हैं जिन्होंने अपना ई-केवाइसी भी अभी तक नहीं कराया है।
: निर्माण कार्य गुणवत्तर्ण करें ,किसानो को खाद की कोई समस्या न हो - कलेक्टर
Thu, Nov 10, 2022
निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करें- कलेक्टरकलेक्टर ने की निर्माण कार्यों की समीक्षानरसिंहपुर। कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने गुरूवार को निर्माण कार्यों की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किये जायें। विशेष रूप से स्कूल और हॉस्पिटल के भवन में वेंटिलेशन एवं रोशनी की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिये। स्कूल भवनों को ऐसे सुंदर एवं आकर्षक बनायें, जैसे अपने बच्चों के पढ़ने के लिए बना रहे हैं। भवनों में सीपेज नहीं होना चाहिये। सभी निर्माण कार्य व्यवस्थित ढंग से होना चाहिये। कोई दिक्कत हो, तो अवगत करायें।बैठक में कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, एनएचएआई, एमपीआरडीसी, एनव्हीडीए, पीएमजीएसवाय, हाऊसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी ब्रिज आदि से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यवार प्रगति की समीक्षा की। प्रगतिरत, अपूर्ण, पूर्ण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जिस विभाग से संबंधित निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, उनके अधिकारियों को अवलोकन करायें। भवनों के बाहर बाउंड्रीवॉल बनाते समय शासकीय भूमि का अधिकतम क्षेत्र कव्हर करें। पीडब्ल्यूडी ब्रिज की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र शुरू करायें और समय सीमा में पूर्ण करायें। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें हटायें और पैनाल्टी लगायें। लोक निर्माण विभाग की सड़कों के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण- पीआईयू की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हांकित कर व्यवस्थित तरीके से पैंचवर्क करायें।रानी अवंती बाई लोधी सागर- बरगी परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि नहरों में पानी अंतिम प्वाइंट तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाये। पीओ मनरेगा से समन्वय कर नहरों की साफ- सफाई, मरम्मत व रखरखाव के कार्य किये जायें। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिये।कलेक्टर ने कहा कि हाईवे से निराश्रित गायों को हटवाया जाये। संबंधित क्षेत्र की पहचान कर दूसरी ग्राम पंचायत की गौशाला में गायों को रखा जाये। संबंधित पशु पालकों पर जुर्माना लगाया जाये। एनएचएआई का अमला एवं ग्राम पंचायत सचिव मिलकर कार्य करें। वाहन से गायों को दूसरे ग्राम पंचायत क्षेत्र में छोड़ा जाये।
किसानों को खाद की कोई भी समस्या नहीं हो- कलेक्टर
जिले में डबल लॉक केन्द्र, सहकारी एवं निजी क्षेत्र में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता
नरसिंहपुर।
कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने कृषि विभाग एवं कृषि से संबद्ध विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में की। उन्होंने कहा कि जिले में इस समय रबी बोवनी का सीजन चल रहा है। इसको देखते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये कि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
कलेक्टर ने महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में सेवा सहकारी समितियों में खाद की कमी नहीं होना चाहिये। जिन समितियों में डीएपी नहीं है, वहां तत्काल एनपीके कॉम्पलेक्स उर्वरक की व्यवस्था करें। सुश्री बाफना ने समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि शेष किसानों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जावे। उन्होंने कहा कि किसानों को समझाइश दी जाये कि वे गन्ना फसल का अपशिष्ट नहीं जलायें, उसका निष्पादन वैज्ञानिक तरीके से करें। एक जिला- एक उत्पाद को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ट्रायबल क्षेत्र पर फोकस करें, भ्रमण करें और जागरूकता बढ़ायें। आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों का सहयोग लें। कुक्कुट पालन में भी आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह को सहभागी बनायें। आजीविका मिशन के समूहों को धान उपार्जन से भी जोड़ें। ट्रायबल क्षेत्र में बीज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। विक्रय केन्द्रवार खाद की उपलब्धता की जानकारी नियमित रूप से दें, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में आसानी हो।
उप संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 5913 मे. टन यूरिया, 1891 मे. टन डीएपी, 4778 मे. टन एसएसपी, 218 मे. टन पोटाश और 2383 मे. टन अन्य काम्पलेक्स उर्वरक उपलब्ध है। जिले में वर्तमान में डबल लॉक केन्द्रों में 1138 मे. टन यूरिया, 216 मे. टन डीएपी और 1375 मे. टन एनपीके काम्पलेक्स खाद उपलब्ध है। इसी प्रकार जिले की सेवा सहकारी समितियों में कुल 2604 मे. टन यूरिया, 1002 मे. टन डीएपी, 1164 मे. टन एसएसपी एवं 493 मे. टन काम्लेक्स एनपीके खाद उपलब्ध है। इसके साथ ही जिले में 40 से 50 निजी विक्रेताओं के यहां भी यूरिया, डीएपी, एसएसपी एवं एनपीके काम्पलेक्स खाद उपलब्ध हैं। यहां से भी किसान अपनी आवश्यक्तानुसार खाद प्राप्त कर सकते हैं।
जिले के प्रमुख खाद विक्रेताओं की दुकानें इस प्रकार हैं- एमपी एग्रो नरसिंहपुर, श्याम ट्रेडर्स गोटेगांव, क्वालिटी सीड्स मां शारदा करेली, अनूप ट्रेडर्स करेली व नवीन ट्रेडर्स, आईएफएफडीसी जिले के सभी केन्द्रों, अवनिका एग्रीटेक प्रा.लि., संजय कृषि मित्र, पवन एजेंसी, आस्था फर्टिलाइजर, कृषि विकास केन्द्र, महेन्द्र ब्रदर्स, किसान इंटरप्राइजेज आदि हैं। किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध है। वे उक्त स्थानों से अपनी जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकते हैं। शासन से जिले को 3 हजार मे. टन डीएपी खाद का एक रैक आवंटित किया गया है, जो अगले सप्ताह तक आने की संभावना है। जिले के सभी डबल लॉक केन्द्रों, समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां इस खाद का भंडारण कर विक्रय सुनिश्चित किया जायेगा।
जिले के सभी खाद डीलर्स एवं विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरक का विक्रय करें। खाद को निर्धारित दर से अधिक पर या ब्लैक करते हुए विक्रय पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से संबंधित विक्रेता का लायसेंस निरस्त किया जायेगा।
उप संचालक कृषि ने बताया कि यह बात किसानों द्वारा संज्ञान में लाई गई है कि किसानों को डीएपी/ यूरिया के साथ जिंक, हाईजाइम अथवा अन्य उर्वरक भी टैग करके दी जा रही है, जो पूरी तरह अवैधानिक है, विक्रेता इससे बचें। किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की जायेगी।
सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी दुकान/ प्रतिष्ठान के सामने ही बड़े अक्षरों में खाद की रेट लिस्ट भी चस्पा करें, जिससे किसानों को आसानी से उर्वरक की दरें मालूम हो सकें और वे निर्धारित दर पर उर्वरक खरीद सकें। यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता/ डीलर द्वारा मौके को देखते हुए निर्धारित दर से अधिक दर पर उर्वरकों का विक्रय करते पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई कर उनका उर्वरक लायसेंस निरस्त कर दिया जायेगा। साथ ही पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।