: गाडरवारा,नपा.और ग्राम पंचायत के झमेले में फंसा चिरहखुर्द,मेरा विकास कौन करेगा नपा. गाडरवारा या ग्रा.प.कौड़ियां,पीड़ित (चिरहखुर्द) की पुकार
Sat, Mar 15, 2025
रिपोर्टर रजनीश कौरव
नपा.और ग्राम पंचायत के झमेले में फंसा चिरहखुर्द,
मेरा विकास कौन करेगा नपा. गाडरवारा या ग्रा.प.कौड़ियां,पीड़ित (चिरहखुर्द) की पुकार
गाडरवारा।नगर पालिका गाडरवारा के निरंजन वार्ड क्रमांक 20 से लगा हुआ ग्राम पंचायत कौड़ियां का एक हिस्सा जो की चिरहखुर्द के नाम से जाना जाता है वह है चिराहखुर्द अपने आप को ग्राम पंचायत कौड़ियां का हिस्सा बताता है परंतु वहां की मलाई नगरपालिका गाडरवारा खाती है अब मैं आपको बताना चाहूंगा कि कैसी मलाई नगर पालिका को प्राप्त हो रही है कौड़ियां ग्राम पंचायत के चिराहखुर्द में लगभग 80 से 100 मतदाता निवास करते हैं जिसमें से महज 15 से 20 मतदाता कौड़ियां पंचायत में दर्ज हैं बाकी सभी मतदाता नगर पालिका की मतदाता सूची में शामिल है परंतु जो मतदाता चिराहखुर्द में निवास करते हुए नगर पालिका गाडरवारा के निरंजन वॉर्ड पार्षद को अपना मत प्रदान करते हैं उनको नगर पालिका की एक भी सुविधा नहीं मिल पाती यहां तक कि वह चार महीने कीचड़ से सने रास्ते में से निकलने के लिए मजबूर है इसके लिए जिम्मेदार किसको ठहराया जाए बेचारे चिराहखुर्द में निवास कर रहे लोग अपने आप को मझधार में महसूस कर रहे हैं उनका दोनों किनारे अपनाने को तैयार नहीं है।
पूर्व से लगातार कौड़ियां में दर्ज था चिरहखुर्द
हालांकि चिरहखुर्द पहले से कौड़ियां ग्राम पंचायत में दर्ज चला आ रहा लेकिन लगभग वर्ष 2014 से आधा 30 % चिरहखुर्द नगरपालिका में जुड़ गया जब से नगरपालिका ने कुछ विकास तो किया है परंतु कौड़ियां ग्राम पंचायत के द्वारा एक कंकड़ भी नहीं लगाया गया,जबकि कौड़ियां से चिरहखुर्द को जोड़ने के लिए एक मात्र रास्ता है जो कि कौड़ियां गाडरवारा मार्ग से जुड़ा हुआ है जो कि कच्चा हैं इसलिए वह मार्ग लगभग चार महीने बंद रहता है जिससे कि स्कूल आनेजाने वाले बच्चों के लिए एवं ग्रामीणों को निकलने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है किसी भी जनप्रतिनिधि के कानो पर जू तक नहीं रेंग रहा की चिरह खुर्द का रोड बनाया जाए ।
: होली पर कुण्डलिया छंद(सुशील शर्मा)
Sat, Mar 15, 2025
होली पर कुण्डलिया छंद(सुशील शर्मा)
1.फागुन लिखे कपोल पर ,प्रेम फगुनिया गीतदहके फूल पलाश के ,कहाँ गए मन मीत।कहाँ गए मन मीत ,फगुनिया हवा सुरीली।भौरों की गुंजार ,हँसे मन सरसों पीली।है सुशील मदमस्त ,वसंती पायल रुनझुन।लेकर अंक वसंत ,झूमता आया फागुन।2झोली में होली लिए , हुई फगुनिया शाम।साँस-साँस महके इतर ,बौराया है आम।बौराया है आम ,चलो खेलें हम होली।तज कर सारे द्वेष ,मस्त हम करें ठिठोली।हुई पलाशी शाम ,उमंगों की अठखेली।मल कर गाल गुलाल ,नेह से भर लें झोली।3राधा के रँग में रँगे,नंदलाल गोपाल।निरख निरख मन मोहना ,राधा हुई निहाल।राधा हुई निहाल ,रंग भर कर पिचकारीभागे नंदकिशोर ,भागती राधा प्यारी।हो गए लाल गुलाल ,निशाना ऐसा साधा।पकड़ कलाई जोर , खींचते मोहन राधा।"
आप सभी आत्मीयजनों को रंगपर्व की आत्मीय शुभकामनाएं"
: गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस हेतु आवश्यक सूचना
Sat, Mar 15, 2025
गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस हेतु आवश्यक सूचना
17 मार्च 2025 रामलीला मैदान दिल्ली में परम्आराध्य ज्योतिषपीठाशीश्वर शंक़राचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं गौ गंगा कृपाकांक्षी गोपाल मणि जी के नेतृत्व में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कर गोहत्या बंदी हेतु एक दिन की प्रतिक्षा हेतु निर्धारित था । सरकार एवं प्रशासन ने रामलीला मैदान की अनुमति पहले दी और फिर निरस्त कर दी । अतः आप सभी गो भक्तों से अनुरोध है कि आप लोग अब दिल्ली ना आए। परमपूज्य स्वामीश्री जगद्गुरु शंक़राचार्य जी महाराज एवं पूज्य गोपाल मणि जी सभी राजनैतिक पार्टियो के कार्यालय के सामने खड़े होकर उनसे जानने का यत्न करेगे की वह गोभक्त है या गोहत्या के समर्थक है ।आप जो जहां है वहा से वापस लौट जाये जो योजना पुनः निर्धारित होगी उसकी सूचना आप को प्राप्त हो जाएगी ।आप सब के उत्साह और विचारो का हृदय से आभार ।