: बंशीलाल अहिरवार का हुआ प्रदेश स्तर पर सम्मान
Fri, Jun 20, 2025
बंशीलाल अहिरवार का हुआ प्रदेश स्तर पर सम्मान
भोपाल में आयोजित अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ अजाक्स का प्रांतीय वार्षिक अधिवेशन (साधारण सभा) का हिंदी भवन भोपाल में आयोजन किया गया। जिसमें संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों सहित प्रदेश के सभी जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता अजाक्स के प्रांताध्यक्ष मान.जे एन कांसोटिया (आई ए एस)अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन (गृह विभाग) द्वारा की गई ।कार्यक्रम के दौरान अजाक्स जिला नरसिंहपुर के जिला अध्यक्ष बंशीलाल अहिरवार को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान सहित शासकीय कर्मचारियों,छात्र-छात्राओं,युवाओं एवं महिला जागरूकता सहित सामाजिक जन जागरूकता व पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए प्रांताध्यक्ष महोदय मान. जे एन कंसोटिया आई ए एस अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग द्वाराप्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।बंशीलाल अहिरवार को सम्मानित होने पर अजाक्स जिला संघ नरसिंहपुर के समस्त पदाधिकारियों सदस्यों एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाई प्रेषित की गई है।
: अंतिम क्षणों की चुप्पियाँ
Fri, Jun 20, 2025
अंतिम क्षणों की चुप्पियाँ
(अहमदाबाद विमान हादसे के समय यात्रियों और पायलट की मनःस्थिति पर एक कविता - सुशील शर्मा
) एक सामान्य उड़ान थी वहजैसे हर बार होती है,घोषणाओं की आवाज़,बेल्ट बाँधने की हिदायत,कुछ झपकती आँखें,कुछ चाय मंगाते यात्री,और कुछ खिड़की के पारबादलों की बनावट मेंअपना भविष्य ढूँढते। फिर —हवा ने करवट बदली,विमान काँपा —थोड़ा नहीं, बहुत।सहसा लगने लगाकि यह कंपन,इस बार सिर्फ मौसमका नहीं था। कोई सोच भी न सकाकि कुछ ही क्षणों मेंयह आकाशमुक्ति और मृत्युदोनों का द्वार बन जाएगा। विमान काँपापहले हल्के से,जैसे कोई थरथराती सिहरन,फिर तेज़…जैसे नियति नेअपने पंख खोल दिए हों। पायलट की उँगलियाँकंपकंपाईंवो प्रशिक्षित थासंयमित, अनुशासित,लेकिन उस क्षणउसने भी शायदपहली बारअपनी माँ को याद किया हो। उसे मालूम थाइंजन का उत्तर नहीं आ रहा,और ऊँचाई गिर रही हैलगातार। “हम सब ठीक रहेंगे”वह बोला स्पीकर पर,पर भीतर ही भीतरवह जानता थाकि वह खुदठीक नहीं है। और तबवह शांति नहीं थीवह एक ठहरा हुआ आतंक थाजहाँ शब्द थम गएऔर आँखें बोलने लगीं। एक पिताअपनी बेटी की उँगली थामेकाँपते होंठों से मुस्कुरा रहा था“डर मत…कुछ नहीं होगा।”उसके भीतर टूट रही थीहर उम्मीद। एक नवविवाहिताअपनी माँ को कॉल करने कीकोशिश कर रही थी,पर नेटवर्कअब ईश्वर के क्षेत्र में था। एक बुज़ुर्गगंगा जल की छोटी शीशीअपने सीने से लगाबुदबुदा रहे थे“हरि ॐ…हरि ॐ…” कोई नहीं चीखाक्योंकि अब चिल्लाने सेकुछ बदलने वाला नहीं था। हर यात्रीअचानक मौन हो गया,जैसे सबनेएक-दूसरे की आँखों मेंअलविदा कह दिया हो। बच्चेन कुछ समझ पाएन समझाने की ज़रूरत रहीबस उन्होंनेअपनी माँ की गोद मेंसिर छिपा लियाजैसे गर्भ मेंलौट जाना चाहते हों। पायलट नेआखिरी बार नियंत्रण संभालने की कोशिश कीवह जानता थाअब कोई चमत्कार नहीं होगाफिर भीवह अंतिम साँस तककर्म करता रहा। और फिरएक झटका,एक चिरंतन सन्नाटा।न कोई चीख…न कोई शोर…बस एक आवाज़…जो बहुत दूर तक गूंजती रही… वो अंतिम क्षणन रुलाई थी,न प्रार्थना,बसएक गहरा मौन थाजो उड़ान से उतरकरसंसार की स्मृति बन गया। धरती से टकराते समयवो सबअब आकाश सेविलीन हो रहे थे,कुछ धुएँ में,कुछ ख़ामोशी में,कुछहमारी आँखों की कोरों में। वे सब चले गएपर उनकी वह अंतिम घड़ीआज भीसाँसों में सिसकती है। यह श्रद्धांजलि-कविता केवलदुर्घटना का ब्योरा नहीं,उन अनकहे अलविदाओंकी मौन स्मृति हैजो कभी वापस नहीं आएँगीपर हर उड़ान से पहले,हमारे भीतर एक प्रार्थना बनकरउड़ती रहेंगी। सुशील शर्मा
: गाडरवारा प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
Fri, Jun 20, 2025
गाडरवारा प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
माननीय म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश /अध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरसिंहपुर के निर्देशानुसार एवं तहसील विधिक सेवा समिति गाडरवारा के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्रीमति संतोषी वासनिक के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री कौशल केंद्र, गाडरवारा में "विश्व बाल श्रम निषेध दिवस एवं बच्चों के शैक्षिक स्वास्थ्य एवं अन्य कानूनी अधिकारों" के उपलक्ष्य पर राजेश कुमार तिवारी, प्रथम जिला न्यायाधीश गाडरवारा की उपस्थिति में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया ।उक्त विधिक साक्षरता शिविर मे न्यायाधीश राजेश कुमार तिवारी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश गाडरवारा ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिये प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं आरंभ की है। मुफत कानुनी सहायता योजना इनमें से सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होने बताया कि एस०सी० एस०टी० वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चें, दिव्यांग, आपदा पीडित, अत्याचार पीडित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और सालाना 2 लाख रूपये से कम आय वाले वर्गों के लोग मुफत कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र है। इसके लिये आवेदन की प्रकिया बहुत ही सरल है। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित तहसील विधिक सेवा समिति में जाकर पात्र लोग मुफत कानूनी सहायता के लिये आवेदन कर सकते है। उन्होने बताया कि अदालत में लंबित कई मामलों को मध्यस्थता एवं आपसी सहमति से भी निपटाया जा सकता है। समय और धन की बचत तथा आपसी संबंधों में सौहार्दयता बनाए रखने के लिये मध्यस्थता एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है । इसके अलावा समय-समय पर लगाई जाने वाली लोक अदालतों के माध्यम से भी विभिन्न मामलों का निपटारा तत्काल करवाया जा सकता है। साथ ही पीडित प्रतिकर योजना, मोटर वाहन अधिनियम, नशे की समस्या नालसा टोल फ्री नंबर 15100, साइबर अपराधों के दुष्परिणाम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख कपिल साहू द्वारा का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया । उक्त शिविर में संस्था से श्रीमति स्वाति जैन, सुश्री आफरीन, सुश्री मुस्कान राजपूत, सुश्री स्तुति सोनी चौधरी एवं छात्र-छात्राये एवं कार्यालयीन लिपिक श्रीमति शिखा सोनी, पैरालीगल वॉलेंटियर श्री शेख रहीम की उपस्थिति रही एवं सहयोग प्रदान किया गया ।