: भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार होकर एकांतवास में क्यों चले जाते हैं पढ़िए पूरी खबर
Mon, Jun 23, 2025
भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार होकर एकांतवास में क्यों चले जाते हैं पढ़िए पूरी खबर
ॐ जय जगन्नाथ
ज्येष्ठ पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार होकर एकांतवास में चले जाते हैं। इसे अनासरा या ज्वर लीला कहा जाता है। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहते हैं और केवल दायित्वगण ही भगवान की सेवा में रहते हैं।यह परंपरा भगवान जगन्नाथ के भक्त माधव दास से जुड़ी है। एक बार माधव दास बहुत बीमार थे और भगवान जगन्नाथ ने स्वयं उनकी सेवा कर रहें थे यह बात भक्त माधव दास समझ गए उनकी सेवा प्रभु हीं कर रहें हैं फिर भक्त माधव दास ने प्रभु से कहा आप मेरी सेवा कर रहें हैं यह ठीक नहीं हैं आप तो भगवान हैं मुझे ठीक क्यूँ नहीं कर देते जो आप मेरे लिए कष्ट सह रहें हैं।भगवान ने कहा कि तुम्हारे भाग्य में 15 दिन की बीमारी और बची है 15 दिन में ठीक हो जाओगे लेकिन माधव दास ठीक करने की हठ करने लगे प्रभु ने बहुत समझाया लेकिन माधव दास नहीं माने तब प्रभु ने माधव दास को तो ठीक कर दिए लेकीन अपने भक्त की बीमारी को अपने ऊपर ले लिए क्यूंकि कर्म के फल में परमात्मा भी हस्तक्षेप नहीं करते यहीं विधि का विधान हैं।तभी से, हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार होकर एकांतवास में चले जाते हैं अपने प्रिय भक्त की पीड़ा को अपने ऊपर ले लेते हैं फिर रथ यात्रा से पहले स्वस्थ होकर भक्तों के दर्शन के लिए निकलते हैं।भगवान जगन्नाथ 26 जून को पूर्ण स्वस्थ होकर रथ यात्रा के दौरान अपने प्रिय भक्तों को दर्शन देंगे ।
जय जगन्नाथ
: गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार
Tue, Jun 10, 2025
गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार
ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा स्थापित गौ ध्वज के क्रम में आज शंकराचार्य जी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने भारत वर्ष गौ ध्वज परिक्रमा व गौ ध्वज निरीक्षण यात्रा के दौरान कहा कि गो माता को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार। बता दें कि पिछले वर्ष ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने पूरे भारतवर्ष की यात्रा कर हर प्रदेश के प्रदेश मुख्यालय पर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने हेतु गौ ध्वज प्रतिष्ठा यात्रा कर गौ ध्वज स्थापित किया था। जिसका परिणाम यह हुआ कि उस समय महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे की सरकार गौमाता को राज्य माता घोषित कर कानून बनाया था। इसी क्रम में आज शंकराचार्य जी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित गो ध्वज का परिक्रमा किया गौमाता का पूजन अर्चन कर गो ध्वज की पूजा आरती की।जगद्गुरु शंकराचार्य जी चाहते है कि देश में गौ माता की रक्षा के लिए सबसे पहले गौमाता को पशु की सूची से निकाले केन्द्र सरकार और केन्द्रीय कानून बनाते हुए गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करे केन्द्र सरकार। उक्त गौ ध्वज परिक्रमा व गौ ध्वज निरीक्षण यात्रा की पूजा अर्चना में शंकराचार्य जी के दीक्षित शिष्य श्री श्री गौप्रतिष्ठानंद महाराज, प्रभारी गौमाता राष्ट्र माता अभियान दिल्ली प्रदेश, महेश आहूजा सह प्रभारी ,गौ सांसद विक्रम, अशोक डेढ़ा, अमित यादव ,सुदीप जी ,रोहित ,संजय जैन जि, सुदीप अग्रवाल जी सुरेश गौतम ,अरविंद भारद्वाज ,रमेश चंद शर्मा ,यशपाल ठाकुर , मनोज यादव, हीरा लाल, सुनिल भारद्वाज, राजेश बंसल , सुरेश मनचंदा जी, दीपक मेहरा, अनीता शर्मा , मीनाक्षी टंडन ,प्रदीप शर्मा ,सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।
: घर से नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिये उपाय
Thu, Jun 5, 2025
घर से नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिये उपाय
जैसा की आप जानते है की हर घर में कोई न कोई वास्तु दोष अवश्य मिलता है ऐसे में घर में कोई न कोई समस्या बनी रहती है। वास्तु दोष से घर में नकारात्मक उर्जा भी इक्कठी होती रहती है जो घर में कलह का कारण बन जाती है तो साथ ही परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य की हानि पैसे के बचत न होने की समस्या आदि की समस्या उप्त्न कर देती है। आज कुछ उपाय पोस्ट कर रही हूँ जिस से आप घर में नकारात्मक उर्जा को खत्म कर सके।१. एक कटोरी में जल लेकर उसे तिन चार घंटे के लिए सूर्य की रोशनी में रख दें और फिर उसे भगवान का स्मरण करते हुवे पुरे घर में आम या अशोक के पतों से छिडक दें इसके लिय आप गौ मूत्र या गंगाजल का भी प्रयोग कर सकते है।२. घर में आप लोबान या धुप जलाकर मन्त्र का जप करते हुऐे पुरे घर में घुमाये ये भी नकारात्मक ऊर्जा को घर से बाहर करने का उत्तम उपाय है।३. शाम के समय घर के सभी कोनो में नमक बिखरा दें और सुबह उस नमक को बाहर फेंक दें। पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक मिला सकते है।
नमक को नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने वाला माना गया है।४. घर में हर रोज कुछ समय के भजन कीर्तन अवशय लगाये या पूजा करते समय घंटी आदि बजाते हुवे मधुर स्वर में भजन गायन करे।५. शंख की ध्वनी भी इस कार्य के लिय उत्तम मानी जाती है और शंख से घर में जल भी छिडक सकते है हालाँकि एक मान्यता के अनुसार घर में शंख रखना शुभ नही माना जाता ये केवल मन्दिर में रखना चाहिए।६. यदि आप किसी ऐसे घर में प्रवेश करते है जहाँ पहले अन्य कोई रहता था तो उनके द्वारा छोड़ी हुई नकारात्मक उर्जा दूर करने के लिए सबसे बेहतर उपाय है की आप घर में पहले रंग रोगन करवा लें उसके बाद घर में प्रवेश करे।७. घर की सभी खिडकियों को हर रोज कम से कम २० मिनट अवशय खोलना चाहिए।८. गाय के देशी घी का दीपक हर रोज घर में जलाना भी घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।९. घर के मन्दिर में देवी देवताओं को चढ़ाये गये फूल के हार दुसरे दिन अवश्य उतार देने चाहिए पुराने फूल भी नकारात्मक ऊर्जा देते है।१०. धूल मिटटी कबाड़ खराब बिजली के उपकरण भी घर से हटा देने चाहिए ये भी नकारात्मक ऊर्जा देने वाले होते है।११. घर में तुलसी का पौधा अवशय लगाये।ये सामान्य उपाय है। जिस से आप अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को काफी हद तक कम कर सकते है साथ ही आप समय समय पर घर में हवन आदि भी करवाते रहे।