मोक्ष मार्ग शरीर बल से नहीं,आत्मा के संकल्प बल से चलता : निर्यापक श्रमण मुनि समतासागर महाराज ने कहा मोक्ष का मार्ग शरीर के बल से नहीं,बल्कि आत्मा के संकल्प बल से प्रशस्त होता,
Aditi News Team
Fri, Oct 9, 2026
"मोक्ष मार्ग शरीर के बल से नहीं, आत्मा के संकल्प बल से चलता है" : -मुनि श्री समतासागर महाराज
कुण्डलपुर(म.प्र.)।निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने कहा कि मोक्ष का मार्ग शरीर के बल से नहीं, बल्कि आत्मा के संकल्प बल से प्रशस्त होता है। शरीर कैसा भी हो, यदि मन में दृढ़ निश्चय, साहस और आत्मकल्याण की भावना है तो साधक निरंतर आगे बढ़ सकता है। व्यक्ति मैदान में बाद में हारता है, उससे पहले वह अपने मन में हार मान लेता है। इसलिए जीवन में असफलता मिलने पर भी संकल्प नहीं छोड़ना चाहिए। बार-बार प्रयास करने वाला व्यक्ति एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त करता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी एवं प्रचार मंत्री जयकुमार जलज ने बताया,मुनि श्री ने श्रद्धालुओं को रत्नत्रय की आराधना और देव-शास्त्र-गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा के माध्यम से मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर राजस्थान, महाराष्ट्र , कर्नाटक एवं उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश से आये तीर्थयात्रियों ने बड़े बाबा के चरणों का अभिषेक किया एवं शांतिधारा का वाचन मुनि श्री पवित्रसागर जी महाराज ने किया। शरद पूर्णिमा की पूर्व वेला में 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को कुण्डलपुर में गुरु परंपरा समर्पण समारोह का भव्य आयोजन आयोजित है। इस आयोजन को सफल बनाने हेतु 10 अक्टूबर दिन शनिवार को दोपहर 1:00 बजे कुण्डलपुर क्षेत्र पर मुनिश्री संघ सानिध्य में एक बैठक का आयोजन किया गया है। जिसमें युवा वर्ग, महिला मंडल सभी सामाजिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उनके सुझाव, मार्गदर्शन, सहयोग की अपेक्षा कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी ने की है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज