नरसिंहपुर कलेक्टर जनसुनवाई में सौंपा ज्ञापन : जन शिक्षक एवं बीएसी प्रतिनियुक्ति में नियमों की अनदेखी,
Aditi News Team
Wed, Nov 4, 2026
जन शिक्षक एवं बीएसी प्रतिनियुक्ति में नियमों की अनदेखी,
कलेक्टर जनसुनवाई में सौंपा ज्ञापन
नरसिंहपुर। जिला शिक्षा केंद्र द्वारा सवा छह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद आयोजित की जा रही जन शिक्षक एवं ब्लॉक एकेडमिक समन्वयक की प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में इस संपूर्ण प्रक्रिया में नियमों की खुली अवहेलना और मनमानी का आरोप लगाते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रति स्कूल शिक्षा मंत्री, राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के आयुक्त तथा जिला परियोजना समन्वयक को भी त्वरित संज्ञान हेतु प्रेषित की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि काउंसलिंग से पूर्व आवेदकों की पात्र एवं अपात्र सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार की दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया, जो किसी भी शासकीय चयन प्रक्रिया के बुनियादी नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत पहले बीएसी की जगह जन शिक्षकों की काउंसलिंग कराकर सूची से नाम हटाने की भ्रामक पद्धति अपनाई जा रही है। अभ्यर्थियों ने मौके पर मेरिट आधारित खुली काउंसलिंग के बजाय चार-चार स्थानों के विकल्प भरवाने की व्यवस्था पर भी कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि इस अपारदर्शी व्यवस्था से स्वेच्छाचारिता और अनुचित प्रभाव की गुंजाइश बढ़ गई है, जिससे योग्य शिक्षकों को दूरदराज पदस्थापना मिलने पर पदभार न ग्रहण करने की स्थिति बनेगी और पद रिक्त रह जाएंगे। साथ ही आयु सीमा में भी दोहरा मापदंड अपनाते हुए नए आवेदकों को रोका जा रहा है, जबकि पूर्व से काबिज अधिक आयु वाले अमले को यथावत रखा गया है। ज्ञापन में विकासखंडवार अनियमितताओं के प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए हैं। इसके अनुसार चीचली विकासखंड में बीआरसी के पद पर चार वर्ष की अधिकतम सीमा के विरुद्ध लगभग एक दशक से अधिक समय से एक ही व्यक्ति जमे हुए हैं। वहीं नरसिंहपुर विकासखंड में दो वर्ष का अनिवार्य कूलिंग पीरियड पूरा किए बिना ही नियम विरुद्ध पदस्थापना की गई। गोटेगांव में पूर्व में सामूहिक इस्तीफा दे चुके कर्मियों को न हटाने तथा करेली विकासखंड में गलत विषयों से चयनित समन्वयकों को पद पर बनाए रखने का मुद्दा भी उठाया गया है। इसके अलावा नवभारत साक्षरता अभियान में नियम विरुद्ध पदस्थ सह-समन्वयकों को हटाकर अतिशेष शिक्षकों के पारदर्शी समायोजन की मांग रखी गई है। ज्ञापन के माध्यम से वर्तमान में जारी दोषपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, पात्र-अपात्र सूची सार्वजनिक कर दावा-आपत्ति का समय देने, राज्य शिक्षा केंद्र के मूल दिशा-निर्देशों के अनुरूप खुली मेरिट काउंसलिंग कराने तथा अवधि पूर्ण कर चुके अमले को मूल शालाओं में वापस भेजने की मांग प्रशासन से की गई है।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
नरसिंहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह