मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन 22 से करेगी विरोध प्रदर्शन : इंदौर में एमजीएम और डेंटल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक काली पट्टी बांधकर जताएंगे विरोध
Aditi News Team
Mon, Oct 19, 2026
अपनी लंबित मांगों को लेकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन 22 अक्टूबर से करेगी चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन
एमजीएम और डेंटल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक काली पट्टी बांधकर जताएंगे विरोध
आंदोलन के दौरान आपातकालीन सेवाएं और पैरेलल ओपीडी रहेगी चालू
इंदौर। लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं का निराकरण न होने से खफा मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए), इंदौर ने अब 22 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. राहुल रोकड़े ने इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि शासन और स्थानीय स्तर पर कई बार ज्ञापन और चर्चा के बावजूद सुनवाई न होने पर यह कदम उठाया गया है। हालांकि, आंदोलन के दौरान मरीजों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए आपातकालीन सेवाएं और पैरेलल ओपीडी जारी रखी जाएगी। इस दौरान उनके साथ एमटीए की उपाध्यक्ष डॉ. साधना सोडानी, डॉ. बजरंग के. सिंह, सचिव डॉ. अशोक ठाकुर और संयुक्त सचिव डॉ. राममोहन शुक्ला एवं डॉ. आशीष सक्सेना भी मौजूद थे।
डॉ. रोकड़े ने बताया कि एमटीए द्वारा होने वाले आंदोलन में 22 से 24 अक्टूबर तक सभी चिकित्सा शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 27 एवं 28 अक्टूबर को दोपहर 1-2 बजे तक 1 घंटे पेन डाउन प्रदर्शन करेंगे तथा 29 एवं 30 अक्टूबर को रूटीन सेवाएं बंद रखी जाएगी, लेकिन इस दौरान मरीजों की सुविधा के लिए आकस्मिक सेवाएं और पैरेलल ओपीडी का संचालन किया जाएगा।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हमारे द्वारा समयमान वेतनमान का लाभ देने, सेवा भर्ती नियमों के विपरीत की जा रही अनुशासनात्मक कार्रवाई रोकने और 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 6 महीनों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री), आयुक्त व सहअध्यक्ष (स्वशासी संस्था), डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज और प्राचार्य शासकीय डेंटल कॉलेज को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अध्यक्ष डॉ. रोकडऩे कहा कि हाल ही में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कुछ शिक्षकों द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस कर आंदोलन में शामिल न होने की बात कही है। इस पर एमटीए ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि यह संस्था रजिस्टर्ड है और बायलॉज के तहत चुनी गई कार्यकारिणी व जनरल बॉडी के बहुमत के निर्णय पर आंदोलन कर रही है। जिन सदस्यों ने इसका विरोध किया है, उन्हें हालिया चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ा था और एमटीए ऐसे सदस्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखेगा। एमटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अभी भी संवाद के पक्ष में हैं और इस संबंध में कमिश्नर सह अध्यक्ष (स्वशासी संस्था) से चर्चा के लिए समय मांगा गया है और कहा कि एसोसिएशन ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन के दौरान मरीजों की परेशानी से बचने के लिए आकस्मिक सेवाएं और वैकल्पिक (पैरेलल) ओपीडी सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)
इंदौर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन