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अजाक्स अध्यक्ष पद को लेकर विवाद, : कार्यालय के बाहर पुलिस ने की नाकेबंदी

Aditi News Team

Sun, Sep 6, 2026

अजाक्स अध्यक्ष पद को लेकर विवाद, कार्यालय के बाहर पुलिस ने की नाकेबंदी

भोपाल। अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को पुलिस ने अजाक्स कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। जैन मंदिर चौराहे को चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया, जिसके चलते क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही।

विवाद को देखते हुए पुलिस ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। अजाक्स कार्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

अध्यक्ष पद को लेकर आमने-सामने धड़े

अजाक्स में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। एक ओर संतोष वर्मा के अध्यक्ष होने का दावा सामने आया है, जबकि संगठन के दूसरे धड़े की ओर से उनके दावे को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसी विवाद के बीच कार्यालय पर संभावित भीड़ और तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा बढ़ाया है।

जैन मंदिर चौराहे पर पुलिस का पहरा

अजाक्स कार्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती के साथ ही जैन मंदिर चौराहे के चारों ओर से रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पुलिस बल के साथ बैरिकेडिंग की गई है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।

फिलहाल क्षेत्र में पुलिस की भारी मौजूदगी के चलते अजाक्स कार्यालय और जैन मंदिर चौराहे के आसपास स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है।

क्या है मामला

अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा के खिलाफ जनहित याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- अदालत प्रशासनिक निर्णय नहीं दे सकती

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अजाक्स (A JAKS) के प्रदेश अध्यक्ष एवं आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। याचिका में संतोष वर्मा के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत जांच एजेंसी या नीति-निर्माता नहीं है और इस मामले में कोई प्रशासनिक निर्देश जारी नहीं करेगी।

संगठन में नेतृत्व को लेकर उठा था विवाद

मामला अजाक्स के मंच से आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए एक कथित विवादित बयान और संगठन के विभिन्न पदों पर नेतृत्व को लेकर उठे विवाद से जुड़ा था। इसे लेकर संतोष वर्मा के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी।

याचिकाकर्ता की ओर से संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन हाईकोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

संगठन के भीतर भी सामने आया था मतभेद

मामले के दौरान अजाक्स संगठन के भीतर नेतृत्व को लेकर भी मतभेद सामने आए थे। संगठन के दूसरे धड़े और प्रांताध्यक्ष मुकेश मौर्य ने संतोष वर्मा के दावों को अनधिकृत बताया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर चौधरी मुकेश मौर्य को प्रांताध्यक्ष तथा विशेष गढ़पाले को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में मान्यता दिए जाने से संबंधित घटनाक्रम भी सामने आया।

हाईकोर्ट के फैसले से मामले को मिला विराम

हाईकोर्ट के फैसले के बाद संतोष वर्मा के खिलाफ NSA लगाने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर फिलहाल विराम लग गया है। अदालत ने मामले में किसी प्रकार का प्रशासनिक निर्देश देने से इनकार करते हुए संबंधित प्रक्रिया को कानून के अनुसार आगे बढ़ाने की बात कही।

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

अजाक्स संगठन भोपाल

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