: डिप्रेशन के विरूद्ध जन-जागरूकता के प्रयास सराहनीय – मुख्यमंत्री श्री चौहान
Sun, Nov 20, 2022
युवाओं को डिप्रेशन से बचाने 30 धावक दौड़ेंगे 8 हजार किलोमीटर,मुख्यमंत्री के साथ धावक दल ने पौध-रोपण भी किया
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि डिप्रेशन के बारे में जन-जागरूकता के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। इस समस्या से युवाओं को बचाना बहुत आवश्यक है। प्रयास यह होना चाहिए कि डिप्रेशन की समस्या हो ही नहीं पाए। दौड़ के आयोजन और अन्य जागरूकता गतिविधियों से लोगों को डिप्रेशन से बचाने के कार्य से जुड़ी संस्था हिमालय नाइट के प्रयास अनुकरणीय हैं।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं द्वारा डिप्रेशन के विरूद्ध विश्व की सबसे लम्बी रिले दौड़ का प्रयास सराहनीय है। करीब 8 हजार किलोमीटर की दौड़ में 30 धावक शामिल हैं। चंडीगढ़ से 10 नवम्बर को रवाना यह दौड़ 19 नवम्बर को श्री महाकाल लोक की परिक्रमा भी कर आई है। प्रतिदिन 250 किलोमीटर की दूरी तय की जा रही है। यह दौड़ 24 घंटे चलती है। कुल 36 दिन तक दौड़ निरंतर चलेगी। इस दौड़ के मार्ग में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और अन्य प्रांत शामिल हैं। रिले दौड़ नई दिल्ली में समाप्त होगी। आज भोपाल पहुँचे धावक दल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ स्मार्ट उद्यान में भी पौध-रोपण में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री संदीप आर्य, धावक दल के एक दिव्यांग सदस्य सहित चार बेटियों से चर्चा भी की। पौध-रोपण के दौरान धावक दल के सदस्यों ने डिप्रेशन के विरुद्ध प्रारंभ अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिप्रेशन के विरूद्ध किए जा रहे प्रयासों के लिए दल के सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज गुलमोहर और आंवला के पौधे रोपे।पौध-रोपण में शामिल अन्य प्रतिनिधिमुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ समाजसेवी श्री प्रद्युम्न शास्त्री ने अपने जन्म-दिवस पर पौधा लगाया। पार्षद श्री सुरेन्द्र वाडिका एवं सर्वश्री तीर्थ राज मिश्रा, योगेश सक्सेना और अशोक पटेल भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ पत्रकार श्री कृष्ण मोहन झा और सहारा समय से श्री राजेश कुमार ने भी पौध-रोपण किया।
: पुरातत्व को रोचक और आसान भाषा में भावी पीढ़ी तक पहुँचाएँ- मंत्री सुश्री ठाकुर
Sun, Nov 20, 2022
मृणमयी प्रतिमाओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ
फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा है कि पुरातत्व को आकर्षक, रोचक और आसान भाषा में भावी पीढ़ी तक पहुँचाएँ। मंत्री सुश्री ठाकुर राज्य संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह अंतर्गत गतिविधियों के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थी। मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि पुरातत्व हमारी पहचान है। इसके तथ्यों को वैज्ञानिक आधार पर प्रस्तुत करें। भावी पीढ़ी में हमारी संस्कृति और धरोहर के प्रति गौरव का भाव विकसित करें। 21वीं सदी का जगतगुरू भारत का निर्माण तभी हो सकता है जब हम विश्वास करें कि हम कालजयी विश्वविजयी संस्कृति के संवाहक हैं।
प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि पुरातत्व और इतिहास को जन-जन का विषय बनाएँ। हमारे वैभवशाली इतिहास को भावी पीढ़ी तक पहुँचाना विभाग के साथ समाज का भी कर्त्तव्य है। हम सभी को भावी पीढ़ी में अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व और प्रेम की भावना का विकास करना चाहिए। संस्कृति विभाग द्वारा निरंतर इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाएंगे।
मंत्री सुश्री ठाकुर ने राज्य संग्रहालय में विश्व धरोहर सप्ताह में मृणमयी प्रतिमाओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान के सहयोग से लगाई गई है। मंत्री सुश्री ठाकुर ने पुरातत्व संचालनालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक "छतरपुर जिले का पुरातत्व" का विमोचन भी किया।
मंत्री सुश्री ठाकुर ने आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हुई फोटोग्राफी के विजेताओं को पुरूस्कृत किया। पुणे के श्री अनूप गंधे को बिठोजी होलकर की छत्री के छायाचित्र के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपये, ग्वालियर के श्री राजेश लाड को मोहम्मद गौस का मकबरा ग्वालियर के छायाचित्र के लिए द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रूपये और इंदौर के श्री सुधांशु तिवारी को जल महल मांडू के छायाचित्र के लिए तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रूपये एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही वाराणसी के श्री सतीश वर्मा, इंदौर के श्री आकर्ष आर्य और कोलकाता के श्री प्रणब बासक को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 10 हजार रूपए और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
राज्य संग्रहालय के कार्यक्रम में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान भोपाल के निदेशक श्री प्रकाश परांजपे, जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रो. एस.के. द्विवेदी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दिल्ली के सेवानिवृत्त अधीक्षण डॉ. मेनुअल जोसेफ और अश्विनी शोध संस्थान उज्जैन के निदेशक डॉ. आर.सी. ठाकुर ने पुरातत्व के वैज्ञानिक पहलुओं और उनके महत्व पर व्याख्यान दिया। विभागीय अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुरातत्व और इतिहास प्रेमी उपस्थित रहे।
: वर्ष 2021 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा
Sun, Nov 20, 2022
बलवीर सिंह कुशवाहा को लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड,
मुजाहिद बेग को मिलेगा स्व.श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार,
खिलाड़ियों को मिलेगी दोगुनी पुरस्कार राशि
मध्यप्रदेश के वर्ष 2021 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विशिष्ट योगदान के लिए खेल हस्तियों को क्रमशः विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र, स्वर्गीय श्री प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार एवं लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिए जाते हैं। खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया की पहल पर वर्ष 2021 के लिए राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए चयनित खिलाड़ियों को दोगुनी पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकलव्य पुरस्कार के लिए चयनित खिलाड़ियों को एक लाख रूपये, विक्रम, विश्वामित्र, स्व. श्री प्रभाष जोशी और लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए प्रत्येक को 2 लाख रूपये दिए जाएंगे। पूर्व में एकलव्य पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को 50 हज़ार रूपये और अन्य सभी पुरस्कारों के लिए एक लाख रूपये (प्रत्येक) दिए जाते थे।
एकलव्य पुरस्कार
राज्य स्तरीय एकलव्य पुरस्कार में वर्ष 2021 के लिए 9 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इसमें भोपाल की सॉफ़्ट टेनिस खिलाड़ी अंशिका कनौजिया, इंदौर की कयाकिंग केनोइंग खिलाड़ी शिखा चौहान, देवास की कुश्ती खिलाड़ी पूजा, अशोक नगर की वूशू खिलाड़ी श्रुति सरवैया, होशंगाबाद के शूटिंग खिलाड़ी अर्जुन ठाकुर, इंदौर की तैराक कन्या नैय्यार, विदिशा के एथलीट इकराम अली ख़ान, देवास के रोइंग खिलाड़ी गोपाल ठाकुर और भोपाल की शूटिंग बॉल खिलाड़ी सिद्धि छतवानी शामिल है।
विक्रम पुरस्कार
वर्ष 2021 के विक्रम पुरस्कार के लिए व्यक्तिगत खेलों में होशंगाबाद की सॉफ़्ट टेनिस खिलाड़ी आध्या तिवारी, इंदौर की तैराक एनी जैन, धार की कयाकिंग -केनोइंग खिलाड़ी आरती नाथ, भोपाल की शूटिंग खिलाड़ी मनीषा कीर, इंदौर की घुड़सवार सुदीप्ति हजेला, इंदौर के योगा खिलाड़ी रोहित वाजपेयी और इंदौर की बेडमिंटन खिलाड़ी श्रेयांशी परदेशी का चयन किया गया है।
विक्रम पुरस्कार की दलीय खेलों की श्रेणी में जबलपुर के खो-खो खिलाड़ी नैन्सी जैन, इंदौर की कबड्डी खिलाड़ी कंचन ज्योति दीक्षित और देवास की सॉफ़्ट बॉल खिलाड़ी रागनी चौहान का चयन किया गया है। दिव्यांग श्रेणी में भोपाल की जूडो खिलाड़ी पूनम शर्मा (ब्लाइंड) को वर्ष 2021 के विक्रम पुरस्कार के लिए चुना गया है।
वर्ष 2021 के साहसिक खेलों की श्रेणी में विक्रम पुरस्कार के लिए वर्ष 2016 में सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट पर आरोहण करने वाले दो उत्कृष्ट पर्वतारोही श्री भगवान सिंह कुशवाहा और श्री रत्नेश पाण्डेय के नामों की घोषणा की गयी है।
विश्वामित्र पुरस्कार
खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार विश्वामित्र पुरस्कार देती है। वर्ष 2021 के लिए ग्वालियर के कराते प्रशिक्षक श्री पारितोष शर्मा, भोपाल के कुश्ती प्रशिक्षक श्री विनय प्रजापति और उज्जैन के मलखंभ प्रशिक्षक श्री मोहनलाल बमबोरिया को विश्वामित्र पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
स्व. प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार
पारंपरिक खेल मलखंभ में उत्कृष्टता के लिए दिये जाने वाले प्रभाष जोशी खेल पुरस्कार वर्ष 2021 के लिए उज्जैन के मुजाहिद बेग का चयन किया गया है।
लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
वर्ष 2021 के राज्य स्तरीय लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार की श्रेणी में ग्वालियर के श्री बलबीर सिंह कुशवाहा का चयन किया गया है। श्री कुशवाह ने प्रदेश में टेबल टेनिस, कयाकिंग केनोइंग, ड्रेगन बोट आदि खेलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।