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गाडरवारा में शराब ऑफर को लेकर उठे सवाल,नशामुक्ति अभियान के बीच शराब बिक्री की कथित विशेष योजना पर सवाल,

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बीआईपी पास लाओ,बोतल के साथ अद्धी फ्री ले जाओ’ : गाडरवारा में शराब ऑफर को लेकर उठे सवाल,नशामुक्ति अभियान के बीच शराब बिक्री की कथित विशेष योजना पर सवाल,

Aditi News Team

Mon, Oct 12, 2026

‘बीआईपी पास लाओ, बोतल के साथ अद्धी फ्री ले जाओ’—गाडरवारा में शराब ऑफर को लेकर उठे सवाल

नशामुक्ति अभियान के बीच शराब बिक्री की कथित विशेष योजना पर सवाल, आबकारी विभाग की भूमिका पर भी उठी उंगली

गाडरवारा। एक ओर सरकारें नशामुक्त समाज और नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए अभियान चलाने की बात कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर कथित विशेष ऑफर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह दावा सामने आया है कि कुछ शराब ठेकेदारों द्वारा नवरात्रि, दशहरा एवं आगामी दीपावली को देखते हुए ‘बीआईपी पास’ के माध्यम से शराब खरीद पर विशेष छूट दी जा रही है। कथित तौर पर प्रचारित ऑफर में ‘एक पूरी बोतल लाओ और अद्धी फ्री ले जाओ’ जैसी बात कही जा रही है।

इस कथित ऑफर को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि जब सरकार नशामुक्ति की दिशा में अभियान चला रही है, तब शराब की बिक्री को बढ़ावा देने वाली ऐसी योजनाओं की अनुमति कैसे और किन परिस्थितियों में दी जा रही है?

नशामुक्ति अभियान बनाम शराब की उपलब्धता

सवाल यह भी है कि यदि वास्तव में प्रदेश और देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य है तो गांव-गांव और शहरों में शराब बिक्री के लाइसेंस देने की नीति पर पुनर्विचार क्यों नहीं किया जाता? आम लोगों का तर्क है कि जब किसी क्षेत्र में शराब आसानी से उपलब्ध होगी तो उसके सेवन पर नियंत्रण और नशामुक्ति अभियान की सफलता दोनों ही चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।

विशेषकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में शराब की सहज उपलब्धता को लेकर महिलाओं और परिवारों की चिंताएं लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई परिवारों का कहना है कि शराब की लत के कारण आर्थिक संकट, घरेलू विवाद और परिवारों में तनाव की स्थिति पैदा होती है।

‘एक तरफ नशामुक्ति, दूसरी तरफ छूट’—उठा विरोधाभास का सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार को एक तरफ नशामुक्ति का संदेश देने और दूसरी तरफ शराब की बिक्री बढ़ाने वाली कथित योजनाओं के बीच स्पष्टता रखनी चाहिए। यदि किसी शराब दुकान अथवा ठेकेदार द्वारा निर्धारित नियमों से अलग जाकर प्रचारात्मक ऑफर चलाया जा रहा है, तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

लोगों का यह भी कहना है कि यदि ‘बीआईपी पास’ और ‘बोतल के साथ अद्धी फ्री’ जैसी योजना वास्तव में संचालित हो रही है, तो इसकी वैधता, अनुमति और आबकारी नियमों के अनुरूप होने की जांच आवश्यक है।

आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल

मामले में जिला आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों और कथित ऑफर की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में यह जरूरी है कि आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करे कि क्या किसी लाइसेंसी शराब दुकान पर ऐसी कोई योजना संचालित की जा रही है और यदि हां, तो उसे किस स्तर से अनुमति प्राप्त है।

‘जो दिखता है, वही बिकता है’

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में जिस वस्तु की उपलब्धता जितनी आसानी से होती है, उसकी मांग भी उतनी ही बढ़ती है। ऐसे में यदि शराब की उपलब्धता लगातार बढ़ती रही और बिक्री को प्रोत्साहित करने वाली कथित योजनाएं सामने आती रहीं तो नशामुक्ति के सरकारी अभियानों के उद्देश्यों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि नरसिंहपुर जिला आबकारी विभाग इस कथित ‘बीआईपी पास’ और ‘अद्धी फ्री’ योजना को लेकर क्या कार्रवाई या स्पष्टीकरण देता है।

जागो मोहन प्यारे…

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अदिति न्यूज,(सतीश लमानिया)

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