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: लापरवाह डॉक्टर ने जिंदा व्यक्ति का तथाकथित पोस्टमार्टम कर उसे मृत घोषित कर दिया और उसे डीप फ्रीजर में रखवा दिया,चिता पर सांसें चलने के बाद मामले का खुलासा हुआ 

Aditi News Team

Fri, Nov 22, 2024
लापरवाह डॉक्टर ने जिंदा व्यक्ति का तथाकथित पोस्टमार्टम कर उसे मृत घोषित कर दिया और उसे डीप फ्रीजर में रखवा दिया,चिता पर सांसें चलने के बाद मामले का खुलासा हुआ  जिंदा व्यक्ति को लाश बताकर फ्रीजर में रखवाया, पोस्टमार्टम के दौरान हुई हरकत, अब हॉस्पिटल मे चल रहा इलाज तीन निलंबित राजस्थान मे झुंझुनूं जिले क बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने घोर लापरवाही दिखाते हुए जिंदा व्यक्ति का तथाकथित पोस्टमार्टम कर उसे मृत घोषित कर दिया और उसे डीप फ्रीजर में रखवा दिया। चिता पर सांसें चलने के बाद मामले का खुलासा हुआ। जिले के राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में डॉक्टरों की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक जिंदा आदमी का तथाकथित पोस्टमार्टम करके डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर डीप फ्रीजर में रखवा दिया। मां सेवा संस्थान के आश्रय गृह के लोग जब उसे दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए और चिता पर लिटाया तो वहां उसकी सांसें चलने लगीं और मामले का खुलासा हुआ। चिकित्सकों ने जिसे मृत घोषित कर दिया था, उसका अब उसी अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है, फिलहाल उसकी हालत सामान्य है। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की है और देर रात को जिला कलेक्टर रामावतार मीणा की अनुशंसा पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव निशा मीणा ने बीडीके के पीएमओ डॉ. संदीप पचार, डॉ. योगेश कुमार जाखड़ व डॉ. नवनीत मील को निलंबित कर दिया। निलंबन काल के दौरान डॉ. पचार का मुख्यालय जैसलमेर, डॉ. जाखड़ का बाड़मेर और डॉ. नवनीत मील का मुख्यालय सीएमएचओ ऑफिस जालौर किया गया है। गौरतलब है कि झुंझुनू में मां सेवा संस्थान के आश्रय गृह में रहने वाले रोहिताश की गुरुवार दोपहर तबीयत बिगड़ने के बाद बीडीके अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया और अस्पताल की मोर्चरी के डीप फ्रीज में रखवा दिया। दो घंटे बाद पोस्टमार्टम करके पंचनामा भी बना लिया गया और रोहिताश के तथाकथित शव को संस्थान को सौंप दिया।संस्था के लोगों ने श्मशान में जब रोहिताश को चिता पर लिटाया तो उसकी सांसें चलने लगीं। उसके शरीर में हरकत देखकर वहां मौजूद लोग हैरान हो गए। इसके बाद उसे तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया। अब उसका बीडीके अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत सामान्य बताई जा रही है। वहीं सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना के समाचार सामने आने के बाद लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, कोई इसे चमत्कार बता रहा है तो कोई इसे घोर लापरवाही लेकिन जिला कलेक्टर की रिपोर्ट पर इसे लापरवाही मानते हुए पीएमओ सहित तीन चिकित्सकों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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