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February 25, 2024
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नरसिंहपुर जिले के प्रमुख समाचार

भारत सरकार तेवड़ा (खेसारी) युक्त चना की खरीदी नहीं करेगी

नरसिंहपुर। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास नरसिंहपुर ने बताया कि पिछले वर्ष चना के उपार्जन/ खरीदी में तिवड़ा (खेसारी) युक्त मिश्रित चना पहले नहीं खरीदा जा रहा था, तत्पश्चात में मध्यप्रदेश शासन के बहुत प्रयासों के बाद अंतिम खरीदी के दौरान में भारत सरकार द्वारा तेवड़ा युक्त चना खरीदने की अनुमति दी थी।

इस वर्ष 2022- 23 (विपणन वर्ष 2023- 24) में भारत सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि तेवड़ा (खेसारी) युक्त चना की खरीदी समर्थन मूल्य पर नहीं की जायेगी। अतः किसानों से अपील की है कि तिवड़ा (खेसारी) रहित चना बीजोत्पादन कर समर्थन मूल्य पर चने का विक्रय करें। उपार्जन केन्द्रों में तिवडा युक्त चना पाये जाने पर रिजेक्ट कर दिया जायेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि यदि खेत में चना के साथ यदि तिवड़ा (खेसारी) दिखता है, तो उसे कटाई एवं थ्रेसिंग के पहले उखाड़कर अलग कर दें।

नियंत्रण कक्ष स्थापित

नरसिंहपुर।राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार रबी विपणन मौसम 2023- 24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी किये जाने के लिए किसान उपार्जन का कार्य 1 अप्रैल से 15 मई 2023 तक किया जायेगा।

इस सिलसिले में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने उपार्जन अवधि के दौरान उपार्जन प्रक्रिया में कृषकों से संबंधित आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नियंत्रण कक्ष जिला विपणन अधिकारी के नरसिंहपुर स्थित कार्यालय में जिसका मोबाइल नम्बर 9993513975 और महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के नरसिंहपुर स्थित कार्यालय में जिसका टेलीफोन नम्बर 07792- 231122 है, में बनाया गया है।

जिले के कृषक पंजीयन संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपरोक्त दूरभाष पर प्रात: 10.30 बजे से सायंकाल 6 बजे तक सम्पर्क कर समस्या का निराकरण करा सकेंगें।

हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा 2023 मूल्यांकन 19 मार्च से प्रारंभ

नरसिंहपुर।माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा- 2023 की 15 मार्च 2023 तक सम्पन्न विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का कार्य रविवार 19 मार्च 2023 से मूल्यांकन केन्द्र शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर में प्रारंभ होगा। सभी संस्था प्राचार्य शासकीय/ अशासकीय हाई स्कूल/ हायर सेकेंडरी विद्यालय निर्धारित दिनांक तक सम्पन्न विषयों के अनुभवी, पात्र एवं पंजीकृत शिक्षकों को कार्यमुक्त करेंगे। संबंधित शिक्षकों का मूल्यांकन पंजीयन प्रपत्र 3 जमा नहीं हुआ है, तो पूर्ण जानकारी भरकर प्रमाणीकरण सहित कार्यमुक्त करें। मूल्यांकन कार्य संबंधी प्रशिक्षण 19 मार्च को प्रात: 11 बजे मूल्यांकन केन्द्र पर आयोजित किया जायेगा, जिसमें उपस्थित शिक्षकों में से ही मुख्य परीक्षक एवं उपमुक्त परीक्षक का चयन किया जावेगा। यह जानकारी मूल्यांकन केन्द्राधिकारी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर ने दी है।

दो दिवसीय हेल्‍थ वर्कर मॉड्यूल प्रशिक्षण सम्‍पन्‍न

नरसिंहपुर। दो दिवसीय हेल्‍थ वर्कर मॉड्यूल प्रशिक्षण 15 एवं 16 मार्च को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार धाकड़ की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। टीकाकरण के लिए नवीन मॉड्यूल विकसित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं और जन्म से बच्चों का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण किया जा रहा है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एआर मरावी ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जन्म से 16 वर्ष तक के किशोर बालक- बालिकाओं का नि:शुल्क टीकाकरण के लिए गतिविधियां संचालित करने के संबंध में हेल्थ वर्कस को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया है। टीकाकरण के दौरान लगाये जाने वाले टीका को शरीर के एक खास स्थान पर ही लगाया जाता है, जिससे एक समानता बनी रहे और जांचकर्ता को यह जानने में मदद मिल सके कि टीका उस व्यक्ति को लगा है या नहीं। प्रशिक्षण में टीकाकरण के प्रति स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भूमिका, बच्चों के टीकाकरणा की पॉजीशन, वैक्सीन रखने की विधि बताई गई। टीकाकरण से 12 प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। टीके से आईएमआर, एमएमआर एवं कुपोषण की दर में गिरावट आई है। बाल विकलांगता दर में कमी आती है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर, जिला कम्युनिटी, मोबिलाईजर, एम एंड ई, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीपीएम, सीपीएचसी सलाहकार, आरआईडीएम, जिला वैक्सीन स्टोर कीपर मौजूद थे।

खसरा दिवस का हुआ आयोजन

नरसिंहपुर।खसरा दिवस का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार धाकड़ की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला प्रशिक्षण केन्द्र आईपीपी 06 में किया गया। खसरा दिवस के रूप में चिन्हांकित किया गया, जिसमें खसरा रोग साईक्लिकल टेरंड के अनुसार प्रत्येक चौथे वर्ष बीमारी महामारी का रूप धारण करती है। खसरा रोग देवी का प्रकोप नहीं है, बच्चों की गंभीर जानलेवा वायरस बीमारी है। मीजल्स रूबेला के दो टीके लगवाने से अजन्म सुरक्षा पाई जा सकती है। पहला एमआर का टीका 9 से 12 माह एवं दूसरा टीका 16 से 24 माह में लगवायें, जिससे खसरा रोग को जड़ से मिटाया जा सके।

इस दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एआर मरावी ने मीजल्स रूबेला मुक्त भारत की शपथ दिलाई कि जिस प्रकार टीको के माध्यम से स्मालपॉक्स, पोलियो एवं मातृ शिशु टिटनेस बीमारी का अंत किया है, उसी प्रकार माह दिसम्बर 2023 तक 9 माह से 5 वर्ष के बीच प्रत्येक बालक एवं बालिकाओं के दाहिने बाजू की चमड़ी में पीड़ा रहित एमआर के दो टीके लगवाने से दो जानलेवा बीमारियों मीजल्स एवं रूबेला से मुक्ति दिलायेंगे। खसरा दिवस के अवसर पर जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर, एम एंड ई, सीपीएचसी सलाहकार, आरआईडीएम एवं अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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