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July 6, 2022
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चंडीगढ़, नतीजों ने साफ कर दिया है कि भगवंत मान पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे,शहीदे आजम भगत सिंह के गांव में शपथ लेंगे भगवंत मान

चंडीगढ़ ।पंजाब विधानसभा के चुनाव के परिणाम स्थापित पार्टियों के लिए सुनामी साबित हुए हैं। मात्र आठ साल पुरानी आम आदमी पार्टी के पक्ष में आई सुनामी में ऐसे ऐसे दिग्गजों को धराशायी कर दिया है जिनके बारे में कहा जा रहा था कि वे अजेय हैं। नतीजों ने साफ कर दिया है कि भगवंत मान पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। वह शहीद-ए-आजम भगत सिंह की धरती खटकड़ कलां में शपथ लेंगे। पंजाब के लोगों ने नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब मॉडल की बजाए अरविंद केजरीवाल को एक मौका पर ज्यादा भरोसा किया।आम आदमी पार्टी ने राज्य की 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की है। हालांकि पार्टी शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी गठजोड़ काे 1997 में हासिल हुई 93 सीटों से एक कम रह गई लेकिन इसे एक सिंगल पार्टी की सबसे बड़ी जीत कहा जाएगा। इससे पहले कांग्रेस ने 2017 के चुनाव में 77 सीटें जीतकर इसी तरह की जीत हासिल की थी।सत्तारूढ़ कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही जिसे 18 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। शिरोमणि अकाली दल गठबंधन को चार , भाजपा को दो और एक आजाद उम्मीदवार को जीत मिली है। 2017 के चुनाव में आप को बीस , अकाली दल को 15, भाजपा को तीन और लाेक इंसाफ पार्टी को दो सीटों पर विजय मिली थी।आम आदमी पार्टी की पंजाब में चली सुनामी का आलम उनके जीते 92 उम्मीदवारों के मार्जिन से लगाया जा सकता है। ज्यादातर उम्मीदवार 20 हजार से ज्यादा मार्जिन से जीते हैं लेकिन सबसे बड़ा मार्जिन अमन अरोड़ा का सुनाम से सामने आया है। वह 75277 हजार के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के जसविंदर सिंह धीमान से जीते हैं।

आज के परिणामों ने सभी दिग्गजों को धूल चाटने पर मजबूर कर दिया है। अजेय बने हुए ये दिग्गज प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, कैप्टन अमरिंदर सिंह, बीबी राजिंदर कौर भट्टल , लगातार छह बार से जीत रहे परमिंदर सिंह ढींडसा , स्पीकर राणा केपी सिंह , काग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, मनप्रीत बादल आदि सभी अपनी अपनी सीटें भारी मतांतर से हार गए हैं।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी दोनों सीटों चमकौर साहिब और भदौड़ सीटें हार गए हैं। चन्नी कैबिनेट के मात्र छह मंत्री सुखजिंदर रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, अरुणा चौधरी, परगट सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और राणा गुरजीत सिंह ही अपनी सीटें बचा सके मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री सीटें नहीं बचा सके।

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