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February 23, 2024
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कृषि अवसंरचना निधि तथा एमपी फार्म गेट ऐप संबंधी एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

प्रदेश में भारत सरकार की कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना की विशेषताओं तथा एमपी फार्मगेट एप से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की मौजूदगी में होटल सरस नरसिंहपुर में बुधवार को किया गया। जिले के कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों व विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को योजना के तहत फसलोपरांत प्रबंधन एवं सामुदायिक खेती संबंधी परियोजना की जानकारी दी गई। यह कार्यशाला मंडी बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित की गई।

 

कलेक्टर श्रीमती पटले ने एआईएफ योजना तथा एमपी फार्म गेट ऐप की उपयोगिता बताई। उन्होंने कृषकों को उनकी कृषि उपज का अधिकतम मूल्य एवं उनके रखरखाव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों से व्यक्तिगत रुप से चर्चा की। साथ ही इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में बताया गया‍ कि देश में कृषि अधोसंरचना सुधार के क्रम में वित्तीय सहायता देने के उददेश्य से कृषि अवसंरचना निधि- एआईएफ योजना का संचालन किया जा रहा है। इसमें एक लाख करोड़ रुपये का भारत सरकार द्वारा कोष सृजित किया गया है। योजना में बैंकों से ऋण लेने पर दो करोड़ रुपये तक की राशि इस योजना स्वीकृत होने पर तीन प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज की छूट हितग्राही को उपलब्ध कराई जा रही है।

 

कार्यशाला के द्वितीय चरण में अपने घर खलियान से अपनी कृषि उपज अपने दाम पर विक्रय करने की सुविधा, कृषि विक्रय में होने वाले खर्चों में कटौती, मंडी में होने वाली भीड़ से बचत आदि सुविधाओं के संबंध में एमपी फार्मगेट ऐप से संबंधित उपयोगिता के बारे में बताया। इस ऐप को एंड्राइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। सहायक संचालक मंडी बोर्ड श्री योगेश नागले ने उक्त ऐप को किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, विषय पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।

 

कार्यशाला में में आये व्यापारियों तथा कृषकों की जिज्ञासा और उनके प्रश्नों का समाधान कारक उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। नरसिंहपुर जिले एवं मध्य प्रदेश के अन्य भागों में उन्नत वृषि कृषकों द्वारा अपनाई गई है। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एआईएफ पर खुलकर उपयोगी चर्चा हुई। उन्हें अवगत कराया गया कि वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चेंबर, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला उद्योग, बांस प्रोसेसिंग उद्योग आदि एआईएफ योजना का लाभ ले सकते हैं।

 

एआईएफ पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में हितग्राहियों को हर संभव सहायता मुहैया कराना और इससे लाभान्वित होने का आव्हान किया। योजना में अभी तक जिले में 161 आवेदनों में 117.25 करोड़ रुपये तथा प्रदेश में 7417 आवेदनों में 5962 करोड़ रुपये की राशि बैंको द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है, जो देश में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर हैं।

 

कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत श्री दिलीप कुमार, उप संचालक एआईएफ डॉ. पूजा सिंह, मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक श्री एसके कुमरे, एआईएफ के नोडल अधिकारी श्री गोविंद प्रसाद शर्मा, उप संचालक कृषि श्री उमेश कुमार कटहरे, सहायक संचालक श्री योगेश नागले, कृषि नोडल एआईएफ श्री गोविंद शर्मा, मंडी सचिव नरसिंहपुर श्री रामसेवक गुमास्ता, सहायक उपनिरीक्षक श्री राहुल कुमार देवहारे, सहायक संचालक गन्ना डॉ. अभिषेक दुबे, सहा.मिट्टी परीक्षण अधिकारी डॉ. आरएन पटैल, सहायक संचालक श्रीमती सुनिता मवासे, श्रीमती सीमा डहरिया, विकासखंडों के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, जिले के प्रगतिशील कृषक, उद्यानिकी विभाग, नाबार्ड, बैंक, मंडी समितियों के सचिव एवं कर्मचारी, मीडिया, किसान और व्यापारी कार्यशाला में मौजूद थे।

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